नगर का सौभाग्य है कि एक नहीं, दो नहीं, चार मुनिराज आए हैं आदित्य सागर महाराज

धर्म

नगर का सौभाग्य है कि एक नहीं, दो नहीं, चार मुनिराज आए हैं आदित्य सागर महाराज
सिंगोली
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज के शिष्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर महाराज का संघ सहित सिंगोली नगर में मंगल प्रवेश सोमवार की बेला में हुआ।

 

 

इन मांगलिक पलों में पूर्व में ही विराजित पूज्य मुनि श्री दर्शित सागर जी महाराज एवं मुनि श्री आदित्य सागर महाराज संघ का मंगल मिलन हुआ। वही गाजे बाजे के साथ जय जय जयकारों के बीच मंगल आगवानी की गई। एवं उन्हें जिन मंदिर लाया गया।

 

इस अवसर पर मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ने कहा कि यह नगर का सौभाग्य है कि एक नहीं, दो नही, चार मुनिराज आपके नगर में आए हैं। आप सभी धर्म के मार्ग पर बढ़ते रहें।

उन्होंने जीवन में तीन बातों को हमेशा याद रखने की बात कही, हमेशा चलते बड़ी में काम नहीं करना चाहिए, नारद जैसे लोगों से दूर रहना चाहिए, जीवन जीने के लिए कई उतार चढ़ाव आते हैं, उसे घबराना नहीं चाहिए।

गुरु शिष्य मिलन 8 फरवरी को
पूज्य मुनिश्री आदित्य सागर महाराज का अपने गुरु से मिलन 8 फरवरी को चंबल नदी के तट पर बसे नगर रावतभाटा में होगा जहां एक ऐतिहासिक भव्य पंचकल्याणक महोत्सव आचार्य श्री 108 विच उत्तर सागर महाराज एवं अनेक पेशियां के बीच होने आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज एवं अनेक अनेक साधु संतों के सानिध्य में संपन्न होने जा रहा है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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