आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज संघ का कोटा में आगमन कर विहार हुआ
कोटा,5 फ़रवरी, शिक्षा नगरी कोटा में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज सहित 27 मुनिराजों का शहर में आगमन और विहार हो गया।
सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विमल जैन नांता और महामन्त्री विनोद टोरडी ने बताया कि आचार्य संघ ने प्रातः बेला में स्टेशन क्षेत्र स्थित दिगम्बर जैन मंदिर से साढ़े 6 बजे आर के पुरम स्थित त्रिकाल चौबीसी मंदिर के लिये विहार किया आचार्य संघ के साथ सैकडो श्रद्धालु जय जयकार करते साथ चल रहे थे विभिन्न स्थानों पर पाद प्रछालन किए गये संपूर्ण मार्ग में 1008 तोरण द्वार बनाये गये थे।बैंड बाजे,दिव्य घोष,कच्ची घोड़ी नृत्य के अलावा संगीत टोलियाँ थिरकते हुए निरंतर साथ चल रहे थे।

इस दौरान अध्यक्ष विमल जैन नांता,वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश जैन मड़िया,कार्याध्यक्ष प्रकाश बज,गुलाब चंद जैन,जे के जैन,विमल जैन वर्धमान,दर्पण कासलीवाल,युवा अध्यक्ष विजय दुगेरिया, अंकित जैन,अनुज गोधा,राजेश आनंद, त्रिलोक डूँगरवाल,अजय मेहरू,टीकम पाटनी,विकास अजमेरा आदि शामिल रहे।

आचार्य संघ अंटाघर चौराहा,जे डी बी कॉलेज,कोटड़ी चौराहा,ऐरोड्रोम सर्किल,विज्ञान नगर,तलवंडी जैन मंदिर,महावीर नगर द्वितीय पहुँचे जहां आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में नवनिर्मित संतशाला का लोकापर्ण किया गया।इसके बाद आचार्य संघ का विहार आर के पुरम स्थित त्रिकाल चौबीसी मंदिर के लिये हुआ। जहाँ आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कर उन्हे,शास्त्र भेंट किए गए।

प्रचार सचिव मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि दोपहर साढ़े 3 बजे आचार्य संघ का विहार रावतभाटा के लिए हुआ।

रात्रि प्रवास रंतकाँकरा स्थित राजकॉय विद्यालय में हुआ।सोमवार को 33 किमी का पद विहार संपन्न हुआ।

आचार्य श्री को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त है इसलिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। आचार्य श्री संघ सहित रावतभाटा पंचकल्याणक महोत्सव में सम्मिलित होने हेतु बिहार कर रहे हैं। उनके सानिध्य में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव रावतभाटा में संपन्न होने जा रहा है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
