अज्ञानता के कारण सब ओर हिंसा मची हुई है–निर्यापक श्रमण मुनि श्री समयसागरजी महाराज

धर्म

अज्ञानता के कारण सब ओर हिंसा मची हुई है–निर्यापक श्रमण मुनि श्री समयसागरजी महाराज
भिदवासन
अज्ञानता के कारण सब ओर हिंसा मची हुई है यहां तक कि लोग हिंसा में धर्म मानने लगे हैं, हिंसा में कभी धर्म नहीं हो सकता।

दया के बिना धर्म की कल्पना थोथी है। दया को धर्म का मूल कहा गया है, नैतिक रूप से हम किसी को दुख नहीं पहुंचाना चाहते मन से वचन से और काय से हमारे कारण कोई दुखी ना सर्वश्रेष्ठ तो यही है। यह उदगार जेष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमणमुनि श्री समयसागरजी महाराज ने भक्तों के बीच धर्मसभा में कहें।

 

 

 

 

आज प्रेम वात्सल्य समाप्त हो रहा है प्रेम वात्सल्य का होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आज प्रेम वात्सल्य समाप्त हो रहा है भाई भाई का दुश्मन बन रहा है। जीवन प्रेम वात्सल्य होना बहुत जरूरी है। तब ही आपके जीवन में सुख शांति आयेगी, और जब सुख शांति रहेगी तो समृद्धि अपने आप आती चली जाती है। इसलिए हमें कोशिश करना चाहिए कि हमारे आपस में प्रेम वात्सल्य बना रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *