आचार्य शांतिसागर महाराज ऐसे सूर्य हुए हैं जिन्होंने श्रमण संस्कृति को पुनर्जीवित किया है आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज
सलूंबर
भारत देश में जैन धर्म का प्रवर्तन श्री आदिनाथ भगवान से लेकर महावीर स्वामी ने किया है तीर्थंकर भगवान के दिव्य देशना गणघर स्वामी के माध्यम से जिनवाणी में अंकित होकर हमें सुलभ है 20 वी सदी में आचार्य शांति सागर जी महाराज एक ऐसे सूर्य हुए जिन्होंने श्रमण परंपरा को भारत में पुनर्जीवित किया।
दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत तक निर्भीकता के साथ उन्होंने बिहार कर जैन धर्म का प्रचार किया जिस समय जैन मंदिरों में विजातीय प्रवेश हुआ तब आपने कठोर निर्णय लेकर अपने प्राणों को संकट में डालकर 1105 दिनों तक अनाज का त्याग कर दिया ।जिनवाणी के संरक्षण के लिए आपने जिनवाणी को ताम्र पद पर अंकित करवाया आचार्य शांति सागर जी महाराज के समाज पर बहुत ऋण है आचार्य शताब्दी महोत्सव के माध्यम से समाज को एक अवसर मिला है समाज नहीं साधुओं को भी यह एक अवसर मिला है उस ऋण का कुछ अंश चुकाने का।




यह धर्म देशना प्रथम आचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने सलूंबर में आयोजित उदयपुर एवं बांसवाडा संभाग के अनेक जिलों के जैन समाज के महासम्मेलन में प्रकट की। आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व आचार्य श्री शांति सागर जी एवम पूर्वाचार्यों के चित्र का अनावरण दीप प्रज्जवलन के पश्चात मंगलाचरण हुआ सलूंबर समाज तथा बाहर से पधारे पंचों ने आचार्य श्री शांति सागर जी की प्रतिमा,स्तूप रात्रि पाठशाला, स्वागत द्वार अनेक कार्यों की घोषणा की
।सभा के पूर्व आचार्य श्री शांति सागर जी से आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के चित्रों की प्रदर्शनी को हजारों ने अवलोकन किया
1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान के 2900 में जन्म कल्याणक,तप कल्याणक तथा 1008 चंद्रप्रभु भगवान के जन्म और तप कल्याणक पोष कृष्ण ग्यारस के उपलक्ष्य में मुनि सेवा समिति एवं श्री आदिनाथ जिन बिंब प्रतिष्ठा महोत्सव समिति सलूंबर के तत्वाधान में सकल दिगंबर जैन समाज तथा समस्त युवा संगठन एवं महिला संगठन सलूंबर के सहयोग से प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज आचार्य पद शताब्दी महोत्सव अखिल भारतीय स्तर पर मनाए जाने के लिए सलूंबर में संपूर्ण उदयपुर संभाग एवं बांसवाडा संभाग का महासम्मेलन आयोजित हुआ । इस आयोजन में उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सलूंबर, प्रतापगढ़ ,राजसमंद ,चित्तौड़ एवं भीलवाड़ा जिले की समाज उपस्थित हुए । स्वागत भाषण प्रभुलाल दोषी ने देकर आगामी पंच कल्याणक 21 जनवरी से 25 जनवरी हेतु सभी को धर्म लाभ लेने का अनुरोध किया प्रसिद्ध संहिता सूरी पंडित हंसमुख जी शास्त्री ने आज के सम्मेलन में समाज को विभिन्न कार्य करने की कार्य योजना बता कर आचार्य श्री शांति सागर जी का गुणागुवाद कर संस्मरण से अवगत कराया ।सलूंबर के सभी दिगंबर समाज के सेठों ने आचार्य श्री शांति सागर जी शताब्दी वर्ष में अनेक कार्यों की स्वीकृति घोषणा की। अनेक नगरो से पधारे समाज जन ने शताब्दी महोत्सव में कराए जाने वाले कार्यों की घोषणा की महासम्मेलन में वात्सल्य वारिघि पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में आचार्य श्री शांति सागर जी ने जैन मंदिर जैन संस्कृति, जिनवाणी संरक्षण के अनुपम अतुलनीय योगदान का ऋण का अंश चुकाने के लिए अनेक विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई । जिसके अंतर्गत प्रत्येक नगर के हर घर, दुकान, कार्यालय ,प्रतिष्ठान में आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की तस्वीर लगाने की भावना व्यक्त की । नगर में परोपकार को देखते हुए प्याऊ, पक्षी घर ,गौशाला निर्माण हेतु भी प्रस्ताव पंचो ने दिए। आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के आचार्य पद शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत नगर में जैन समाज की रात्रि पाठशाला का गठन और संचालन, नगर में आचार्य श्री शांति सागर जी भव्य प्रवेश द्वार ,जैन विद्यालय का गठन तथा आचार्य शांति सागर जी महाराज के अंतिम उपदेश के शिलालेख मंदिर,दुकान चौराहे और घर पर करने की प्रेरणा अनुसार क्रियान्वन किया जावेगा। लक्ष्मी लाल ढालावत, ललित भीमावत ,प्रभु लाल जैन दोषी, मनोहर लाल ढालावत, शांतिलाल गुनावत सहित सभी कमेटी के सदस्यों ने बताया कि इस उपलक्ष्य में वृक्षारोपण और पर्यावरण और संस्कृति की रक्षा के लिए भी पुरजोर प्रयास किए जाएंगे।
सभी से कार्यक्रम में शामिल होने एवम सहभागिता का धन्यवाद किया है पुण्यार्जक परिवारों द्वारा आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन कर जिनवाणी भेट की। कार्यक्रम का संयुक्त संचालन दिनेश पंडित कमलेश सिंघवी ने किया।

नगर के पत्रकारों एवम् जयपुर के प्रसिद्ध एवम् अधिक प्रसार वाले समाचार पत्र समाचार जगत में वर्ष 2023 में प्रकाशित न्यूज का संकलन का विमोचन आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने क्रिया समाचार जगत के वरिष्ठ पत्रकार न्यूज डेस्क प्रभारी श्री मुकेश जैन का स्वागत साफा माला श्रीफल प्रतीक चिन्ह से किया गया। स्मरणीय है कि आगामी 21 जनवरी से 25 जनवरी तक सलूंबर में पंच कल्याणक । में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सानिध्य में होगा।
राजेश पंचोलिया वात्सल्य भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
