गांव गुन्सी में विज्ञा तीर्थ स्थल पर किया पौधारोपण
निवाई :
जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के जन्म एवं तप कल्याणक के उपलक्ष्य पर सहस्त्र कूट जिनालय विज्ञा तीर्थ गुन्सी में भारत गौरव गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी संध के सानिध्य में आयोजित जैन धर्म प्रचारक विमल जौंला के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने मुख्य रूप से डबल्स चांदनी पुष्प, सहित गुलमोहर, धनिया, का पौधारोपण किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला प्रमुख सरोज बंसल थे एवं अध्यक्षता नगर निगम ग्रेटर प्रतिनिधि चेतन निमोडिया एवं विशिष्ट अतिथि जैन समाज के मंत्री महावीर प्रसाद पराणा एवं कार्याध्यक्ष सुनील भाणजा कार्यक्रम संयोजक विमल जौंला थे। कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों ने गुरु मां को श्री फल समर्पित किया गया।और पूजा अर्चना की।

इस दौरान गुरु मां विज्ञाश्री माताजी ने सभी को भरपूर आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर विजय गंगवाल विमल सोगानी संजय सोगानी दिनेश जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा अर्चना कर अभिषेक किए।




इस अवसर पर आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने कहा कि – वृक्ष प्रकृति की एक अनमोल देन है और यही वजह है कि भारत में वृक्षों को प्राचीन काल से ही पूजा जाता रहा है। आज भी यह प्रथा कायम है। वृक्ष हमारे परम हितैषी निःस्वार्थ सहायक अभिन्न मित्र हैं।

आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली में वृक्षों का अत्यधिक महत्व है। वृक्षों के बिना अधिकांश जीवों की कल्पना भी नहीं की जा सकती। वृक्षों से ढके पहाड़, फल और फूलों से लदे वृक्ष, बाग, बगीचे मनोहारी दृश्य उपस्थित करते हैं और मन को शांति प्रदान करते हैं। वृक्षों से अनेकों लाभ हैं जैसे वृक्ष अपनी भोजन प्रक्रिया के दौरान वातावरण से कार्बन डाइ ऑक्साइड लेते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं जिससे अनेक जीवों का जीवन संभव हो पाता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
