संतो के चातुर्मास में राजधानी के जैन मंदिरो में बह रही ज्ञान की गंगा,,,, संसार में भटकाए वह अंधविश्वास है और संसार से पार लगाए वह आत्मविश्वास है_____ आचार्य विनम्र सागर महाराज।

धर्म

संतो के चातुर्मास में राजधानी के जैन मंदिरो में बह रही ज्ञान की गंगा,,,, संसार में भटकाए वह अंधविश्वास है और संसार से पार लगाए वह आत्मविश्वास है_____ आचार्य विनम्र सागर महाराज।
भोपाल
संतो के चातुर्मास के दौरान राजधानी के जैन मंदिरों में श्रद्धा भक्ति और आस्था का संगम दिखाई दे रहा है धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मंदिरों में भक्ति रस बरस रहा है वही संतों के आशीर्वचन में ज्ञान की गंगा बह रही है नंदीश्वर जिनालय में आचार्य विनम्र सागर महाराज के चातुर्मास के दौरान सुबह से ही विशेष अनुष्ठानों किए जा रहे है ।

 

 

प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया नंदीश्वर जिनालय में भक्तामर मंडल विधान एवं शिविर का आयोजन हो रहा है आज शिवा देवी महिला मंडल द्वारा विशेष पूजा अर्चना के साथ विधान मंडल पर अर्ध अर्पित किए गए और शिवा देवी महिला मंडल की सदस्यों द्वारा आचार्य श्री के कर कमलों में शास्त्र भेट किए गए आचार्य विनम्र सागर महाराज ने आशीर्वचन में अंधविश्वास को भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के विकास मे का सबसे बड़ा रोड़ा बताया आचार्य श्री ने कहा प्रभु की भक्ति आराधना करने से हमारे जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है अंधविश्वास जीवन को गर्त में नर्क में ले जाता है जो संसार में भटकाए वही अंधविश्वास है और संसार से पार लगाए वहां आत्मविश्वास है दूसरों को अलग अलग देखने से अंधविश्वास पैदा होता है और सम भावो से एकरूपता के साथ परमात्मा को निहारने से आत्मविश्वास आता हे

 

 

 

संसार का सबसे बड़ा दुख जन्म मरण है और परमात्मा की निश्चल भाव से की गई भक्ति जन्म और मरण नाश करके हमें संसार से पार लगाती है और मोक्ष मार्ग प्रशस्त करती हे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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