यदि हमारे जन्म को सार्थक बनाना है तो हमें परोपकार की भावना को आत्मसात करना होगा मुनि श्री विमल सागर महाराज
डूंगरपुर
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनि श्री विमल सागर महाराज ने जीवन में समय की महत्वता के विषय में बताया
इस विषय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि अपनी आत्मा व जीवन को सफल बनाने के लिए जो व्यक्ति समय की महत्वता को आत्मसात कर ले तो जीवन में कभी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। पूज्य मुनि श्री न्यू कॉलोनी स्थित मुनिसुव्रतनाथ जिन मंदिर में यह बात कही।

मंगल प्रवेश की बेला में महाराज श्री ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि आज का मनुष्य जीवन जीने की आपाधापी इस कदर व्यस्त हो गया है कि वह अपने जीवन की मूल्य उद्देश्यों से पैर होता जा रहा है। और और यही उसके लिए कठिनाइयों का कारण बनता है। आवश्यकता इस बात की है कि हम जीवन में हर कार्य को समय के अनुरूप पूर्ण कर ले तभी जीवन सार्थक हो सकता है।


उन्होंने इस बात पर भी जोड़ दिया कि मानव जीवन में आने के पश्चात यदि हमारे जन्म को सार्थक बनाना है तो हमें परोपकार की भावना को आत्मसात करना होगा। तभी आत्मा का कल्याण संभव है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
