जीवन में ऐसा काम करे जिससे दूसरों को भी प्रेरणा मिले आचार्य श्री विद्यासागर महाराज

धर्म

जीवन में ऐसा काम करे जिससे दूसरों को भी प्रेरणा मिले आचार्य श्री विद्यासागर महाराज

राजनांदगांव

आचार्य गुरुवर 108विद्यासागर महाराज संघ का मंगल प्रवेश रविवार प्रातः की बेला में मनसुख लाल पेट्रोल पंप के समीप हुआ। आचार्य श्री के दर्शनों के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।

 

 

 

गुरुदेव के दर्शनों का लाभ लेने के लिए ऐसा माहौल था की कई बुजुर्ग महिला बच्चे ऐसे भी थे जो बीमार होने के बावजूद भी गुरुदेव के दर्शन हेतु पहुंचे। इनमें से एक गंज लाइन एसबीआई कॉलोनी निवासी मानिकचंद बाफना जो आहार नली की गंभीर बीमारी से ग्रसित है, नाक में पाइप लगी है और फिर भी आचार्य श्री के आगमन की जानकारी मिलने पर उनके दर्शन करने पहुंचे। जो अपने आप में उनकी श्रद्धा भक्ति को दर्शाता है।आचार्य श्री पुराना बस स्टैंड, लोहारपारा होते हुए गंज लाइन स्थित मंदिर पहुंचे। जहां गुरुदेव का पद प्रक्षालन किया गया। उसके बाद गुरुदेव की आरती की गई। इसी पावन बेला में गुरुदेव की मंगल पूजन भी की गई।

 

 

 

 

 

इस अवसर पर गुरुदेव ने आज की आधुनिकता पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि आधुनिकता आने से आज बहुत सारे रास्ते खुल गए हैं, क्या पता सारे के सारे शहरों नगरों को, अपनगरों राजधानी सबको छोड़कर एक छोटे से गांव में 10 12 परिवार हैं वहां पर चले गए। हम सबको भूल गए। आते समय में कम से कम आए जाएंगे। उससे भी बहुत सारे रास्ते होने के कारण क्या सारे के सारे छोड़ देंगे, फिर दोबारा कब आएंगे। तो हमने सोचा मौका देते हैं इनको।

 

आचार्य श्री ने मंदिर निर्माण की स्वीकृति देते हुए कहा कि जब कोई बात सब लोगों से निर्मित हो जाती है तो वहां पर बिना कहे, बिना पूछे समर्थन को तो दिया ही जाता है। हम एक भाव रखते हैं और एक ही भाव बहुत महत्वपूर्ण है। चाहे वो मोक्षमार्ग है।

 

आपका निर्णय हमेशा आनंदित करें

महाराज श्री ने कहा कि मंदिर निर्माण के संबंध में कहा है कि आप लोगो ने जो निर्णय लिया है उसको निर्मित करे। लेकिन ध्यान रखो युग बहुत जल्दी-जल्दी बदल रहा है। आगे की पीढ़ी इसका पूर्ण लाभ ले इस अपेक्षा से आपको ठोस कदम उठाना चाहिए। ताकि युग का मन इस ओर आ जाए। प्रत्येक क्षण का उपयोग कर ले। हमेशा कार्य करना चाहिए, जिसे युगों तक आने वाले युगों को भी प्रेरणा मिले और कार्य को वह कर सकें।

बिन मांग हमारे सभी कार्य हो जाएं

पूज्य गुरुदेव ने कहा कि हम सोच रहे हैं सहयोग से आज रविवार है, यदि प्रवास में हमारा प्रतिदिन रविवार हो और प्रवास में हमारा प्रतिदिन रविवार ही होते हैं। और जैसे-जैसे चंद्रगिरी पास आती है तो कई रविवार को मिलाकर एक ही रविवार हो जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान से मांगो नही, मांगोगे तो भूल जाओगे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

 

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