*विश्व कल्याण की कामना के साथ हुआ श्री सिद्धचक्र विधान का समापन*भगवान की निकली भव्य शोभायात्रा, हुआ महायज्ञ
मुरैना नगर के बड़े जैन मंदिर में विश्व शांति एवं कल्याण के लिए महायज्ञ के आयोजन के साथ श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन हुआ ।राष्ट्रसंत आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के शिष्य आचार्यश्री आर्जवसागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री विलोकसागर महाराज एवं मुनिश्री विबोधसागर महाराज के पावन सान्निध्य में नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के तहत सिद्धों की आराधना का आयोजन चल रहा था ।
जैन संस्कृत विद्यालय मुरैना के पूर्व प्राचार्य पंडित महेंद्र कुमार शास्त्री के निर्देशन में विधानाचार्य पंडित राजेंद्र शास्त्री मगरौनी ने विधान की सभी क्रियाओं को कुशलता के साथ संपन्न कराया । कार्यक्रम के दौरान 04 मई से 10 मई तक प्रतिदिन श्री जिनेंद्र प्रभु के अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजन के पश्चात विधान के अर्घ समर्पित किए जाते थे । विधान के मध्य पूज्य मुनिश्री के प्रवचन हुआ करते थे । शाम को महाआरती, गुरु भक्ति, शास्त्रसभा के साथ स्वर लहरी सैंकी एंड पार्टी फिरोजाबाद द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते थे । आज विधान के अंतिम आठवें दिन विश्व शांति महायज्ञ, श्री जी भव्य शोभायात्रा, सम्मान समारोह, वात्सल्य भोज, आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया । विधान के पुण्यार्जक मुन्नालाल, राकेशकुमार, गौरव जैन, सौरभ जैन एवं समस्त चोरम्बार परिवार के पुण्य की सभी ने अनुमोदना की । विधान के समापन पर विराजमान युगल मुनिराजों ने सभी को धर्म वृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किया ।

श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के समापन पर सम्पूर्ण विश्व में शांति हो, सम्पूर्ण विश्व का कल्याण हो । ऐसी पवित्र एवं पावन भावना के साथ विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन किया गया । विधान के प्रतिष्ठा निर्देशक, संस्कृत विद्यालय के पूर्व प्राचार्य पंडित महेन्द्रकुमार शास्त्री एवं विधानाचार्य पंडित राजेंद्र शास्त्री मगरौनी ने मंत्रोच्चारण के साथ महायज्ञ की क्रियाओं को संपन्न कराया । महायज्ञ के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने श्री जिनेंद्र प्रभु से कामना की कि हे प्रभु इस संसार के सभी जीव सुखी होवे, सम्पूर्ण विश्व में सत्य अहिंसा का बोलबाला होकर शांती स्थापित हो । संसार के सभी जीवों का कल्याण होवे । इस पवित्र भावना के साथ सभी साधर्मी बंधुओं, माताओं ने महायज्ञ में आहुति दी ।


विधान के अंतिम दिन आज श्री जिनेंद्र प्रभु की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई । भगवान जी की प्रतिमा को चांदी की पालकी में विराजमान किया गया ।
चार इंद्र पालकी को अपने कंधों पर लेकर चल रहे थे । भव्य श्री जी शोभा यात्रा बड़े जैन मंदिर से प्रारंभ होकर सदर बाजार, हनुमान चौराहा, झंडा चौक, सराफा बाजार, लोहिया बाजार होती हुई बड़ा जैन मंदिर पहुंची । शोभायात्रा में श्री जिनेंद्र प्रभु की आरती उतारकर साधर्मी बंधुओं ने अगवानी की । महिलाएं भक्ति भाव के साथ भक्तिपूर्ण नृत्य कर रही थीं और पुरुष वर्ग भगवान महावीर की जय जयकार करता हुआ चल रहा था ।




बड़े जैन मंदिर में श्री जिनेंद्र प्रभु को पाण्डुक शिला पर विराजमान कर जलाभिषेक किए गए । सौधर्म इंद्र ने कलश से जैसे ही जल धारा प्रभु के सिर पर ढारी, वैसे ही सम्पूर्ण पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा । सभी ने हर्ष ध्वनि के साथ जयकारा लगाते हुए अपनी खुशी का इजहार किया ।
मनोज जैन नायक मुरैना से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

