✿༺ विशेष सूचना ༻✿
22 दिसंबर 2023, सलूंबर निर्यापकाचार्य पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज से आर्यिका श्री 105 योगीमति माताजी नियम सल्लेखना ग्रहण कर संस्तरारोहण किया
सलूंबर
प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी विगत दिनों से सलूंबर जैन बोर्डिंग में संघ सहित विराजित है । 22 दिसंबर को संघस्थ शिष्या 65 वर्षीय आर्यिका श्री 105 योगीमति माताजी ने समस्त संघ से क्षमा याचना कर निर्यापकाचार्य आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से नियम संलेखना धारण कर संस्तरारोहण किया।
संस्तर आशय
संस्तर से आशय जिस पर क्षपक साधु बैठते है, लेटते है, उसका आरोहण करना। संस्तरारोहण कहलाता है ।आर्यिका श्री योगीमति माताजी ने 20 अक्टूबर को उदयपुर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से आर्यिका दीक्षा ली थी।
नमोस्तु आचार्य श्री, बारम्बार वन्दामि माताजी
राजेश पंचोलिया वात्सल्य भक्त परिवार
