उर्मिला जैन पाटनी जयपुर ने प्राप्त किया गुरु मां से विज्ञातीर्थ कलश

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उर्मिला जैन पाटनी जयपुर ने प्राप्त किया गुरु मां से विज्ञातीर्थ कलश
गुंसी

श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी जिला टोंक (Icon.) में विराजित भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न विज्ञाश्री माताजी की शिष्या आर्यिका विकक्षाश्री माताजी ससंघ का अतिशय क्षेत्र तिजारा की यात्रा के लिए मंगल विहार हुआ । मालवीय नगर समाज जयपुर व निवाई समाज ने आर्यिका ससंघ की आहारचर्या करवाने का सौभाग्य प्राप्त किया ।

 

 

सवाईमाधोपुर समाज ने गुरु माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया । उर्मिला जैन पाटनी मालवीय नगर वालों को विज्ञातीर्थ लक्की ड्रा कलश प्राप्त करने का अवसर मिला ।

पूज्य माताजी ने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि – गुरु कोई साधारण इंसान नहीं होता है। गुरु ही एक जरिया है जिसके बताये हुए पद चिन्हो पर चलने से कठिन से कठिन मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

 

इसीलिए हमेशा गुरु का पूर्ण सम्मान करे। गुरु की आज्ञा का पालन करना चाहिए। एक गुरु ही हमें समाज में अपनी पहचान बनाने की शिक्षा देता है। प्राचीन समय से लेकर वर्तमान तक गुरु का स्थान सर्वोपरि रहा है। जीवन में अगर गुरु का आशीर्वाद हो तो बड़ी से बड़ी कठिनाईयों से मुकाबला किया जा सकता है।

 

 

इस दुनिया में ऐसा कोई इंसान नहीं है जो बिना गुरु के सफल हुआ हो। यदि डॉक्टर, वकील, इंजीनियर,समाज सेवक,ट्रेनर,सैनिक, आदि बनाना चाहते है तो इसके लिए आपको उसी क्षेत्र के एक गुरु की आवश्यकता होती है। यही गुरु आपको सफलता के द्वार तक लेकर जाता है।

 

 

 

इसीलिए हमेशा गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा होनी चाहिए। गुरु के बिना जीवन अपूर्ण है। आपको कोचिंग,स्कूल, कॉलेज, खेल,आदि जगह पर गुरु की आवश्यकता पड़ती है। अतः गुरु के महत्व को समझे। गुरु के सेवा करे। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है । गुरु शिष्य के वियोग को देखकर सभी की आंखें नम हो गई थी ।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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