दिव्या देशना खीरी समवशरण में, पंच कल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव ,ज्ञान कल्याण महोत्सव
घाटोल
अयोध्या नगरी घाटोल में पंच कल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत आज भगवान के ज्ञान कल्याण के अवसर पर सोधर्म इंद्र द्वारा और समवशरण की रचना करते हुए भगवान के ज्ञान कल्याण होने पर समवशरण में भगवान आदिनाथ की दिव्या देशना खीरी
अयोध्या नगरी घाटोल के तीर्थंकर वाटिका में श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के सामने प्रतापगढ़ रोड एन एच 56 में सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि विमल सागर ,मुनि अनंत सागर मुनि धर्म सागर मुनि भाव सागर महाराज के सानिध्य में एवं प्रतिष्ठाचार्य बा.ब्र. प्रदीप “सुयश” भैया अशोक नगर के निर्देशन में पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत ज्ञान कल्याणक मनाया गया अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, किये गए एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे हैं। नवदीक्षित महामुनिराज की आहारचर्या संपन्न हुई वहीं दोपहर में भक्तिपाठ,ज्ञान कल्याणक की आंतरिक क्रियाएं, जाप अनुष्ठान , श्री जी की स्थापना, मंत्र आराधना , अधिवासन, तिलक दान,नेत्रोन्मीलन, सूरिमंत्र, प्राणप्रतिष्ठा मंत्र, सूर्यकला चंद्रकला, केवल ज्ञानोत्पत्ति, समवशरण रचना, मुनि श्री द्वारा दिव्य देशना, ज्ञान कल्याणक पूजन हवन आदि मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि विमल सागर महाराज ने कहा कि महापुरुषों में आहार चर्या के माध्यम से बहुत बड़ा सौभाग्य दिया है ,जिस घर में मुनिराज आहार हेतु आते है वह चिंतामणि रत्न के समान है , मंगल वस्तु लेके झुकते हुए पडगाहन करना चाहिए पडगाहन करते है कई लोग लेकिन उदास रहते है पडगाहन से आनंद से पडगाहन करें , परिक्रमा से तीन लोग के राज्य की प्राप्ति होती है, भाव पवित्र होना चाहिए, पैर पीछे से आगे धोना चाहिए पहले आगे होना चाहिए वस्त्रों को भूमि से स्पर्श नहीं होना जो हिंसात्मक व्यापार करते है वह आहार देने के पात्र नहीं है, कुछ लोग मित्र के समान साधुओं के पास रहते है ,दान तीर्थ की प्रवृत्ति राजा श्रेयांश ,राजा सोम के द्वारा चली आ रही है, अक्षय तृतीया को आदिनाथ भगवान को इक्षुरस का आहार मिला था इसीलिए यह तिथि अक्षय हो गई , कमेटी ने बताया कि नवदीक्षित मुनिराज को आहार दान करने का सौभाग्य राजा श्रेयांस तेजपाल , दर्वेश मुंगाणिया परिवार राजा सोम सुरेश मुंगाणिया परिवार को मिला

नवीन वेदी में प्रतिमा विराजमान करने का सौभाग्य इन परिवार को प्राप्त होगा




श्री अजितनाथ भगवान कि जोदावत दीपेश परिवार,श्री संभवनाथ जी का सेठ शिरीश स्नेहिल परिवार,श्री संभवनाथ जी वेदी मणिलाल ,धनपाल, शांतिलाल वगेरिया श्री सुपार्श्वनाथ जी का उकावत सुंदरलाल पंकज,राजेश,मनोज,मुदित,सौम्य श्री शांति नाथ जी का मुंगाणिया राजमल लक्ष्मीलाल श्री वासुपूज्य जी गर्भ ग्रह छत्र स्थापना कर्ता जयेश धीरावत परिवार को प्राप्त हुआ
आगामी कार्यक्रम
मोक्षकल्याणक नवीन मानस्तंभ में प्रतिमा विराजमान रथ यात्रा महोत्सव, श्रीजी की ,विशाल शोभायात्रा

*प्रातः कालीन बेला*
*06:00 बजे से*- मंगलाष्टक, दिग्बंधन, रक्षामंत्र, शांतिमंत्र ,नित्यमह अभिषेक, शान्तिधारा, पूजन
*8:37 बजे से* – नव प्रभात की नई किरण के साथ भगवान आदिनाथ को निर्वाण प्राप्ति (मोक्षगमन) अग्नि कुमार देवो का आगमन , नख केश विसर्जन, सिद्ध गुणारोपण विधि, सिद्ध पूजन, मोक्ष कल्याणक पूजन, विश्व शांति महायज्ञ एवं मुनि श्री का प्रवचन
*दोपहर की बेला*
दोपहर 11 बजे से- श्री आदिनाथ मंदिर मे नवीन मानस्तम्भ में 8 प्रतिमा विराजमान ,12 बजे श्री जी की विशाल शोभायात्रा दोपहर 2 बजे,नवीन 3वेदी पर प्रतिमा विराजमान होंगे
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
