अंतरजातीय विवाह की सबसे बड़ी त्रासदी समस्या से जैन समाज भी अछूता नहीं है वर्धमान सागर महाराज जैन समाज की 200 से अधिक युवक युवती द्वारा आचार्य श्री के समक्ष शपथ दी कि हम माता-पिता की आज्ञा एवं जैन धर्म को मानने वाले से ही विवाह करेंगे।

धर्म

अंतरजातीय विवाह की सबसे बड़ी त्रासदी समस्या से जैन समाज भी अछूता नहीं है वर्धमान सागर महाराज जैन समाज की 200 से अधिक युवक युवती द्वारा आचार्य श्री के समक्ष शपथ दी कि हम माता-पिता की आज्ञा एवं जैन धर्म को मानने वाले से ही विवाह करेंगे।

साबला
अंतरजातीय विवाह की सबसे बडी त्रासदी,समस्या से जैन समाज भी अछूता नहीं है ।इसके लिए माता-पिता आधुनिक युग में चिंतित रहते हैं ,और इस समस्या से पीड़ित परिवार अपनी व्यथा से आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को बताते हैं ।

 

 

 

करुणाधारी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से सकल

 

दिगंबर जैन समाज साबला के संयोजन में बागड़ क्षेत्र की 200 से अधिक युवक युवतियों ने देव शास्त्र एवं वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज संघ सानिध्य एवं परिजनों हजारों समाज की उपस्थिति में यह संकल्प लिया कि हम माता पिता की आज्ञा सहमति से समाज में जैन धर्म को मानने वाले से ही विवाह करेंगे।

 

सभी युवक युवतियों को युवा आर्यिका 105श्री महायशमति माता जी ने प्रतिज्ञा का वाचन कराया सभी ने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।

 

पांडाल में उपस्थित हजारों समाजजनों ने इस कार्य की करतल ध्वनि से अनुमोदना की।

राजेश पंचोलिया वात्सलय भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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