युवा शक्ति एवं जैन समाज के लिए एक पर्याय श्री मनोज जैन बाकलीवाल के जन्मदिन पर विशेष
हम ऐसे व्यक्तित्व के विषय में कह रहे है, जो ना सिर्फ अपने शब्द संयोजन से अपने मधुर कंठ से जैन समाज के लिए एवं समाज की युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल है या यूं कहूं तो एक पर्याय हैं।
उनके विषय में जितना कहा जाए कम होगा हम बात कर रहे हैं श्री मनोज जैन बाकलीवाल आगरा की। जिनका आज अवतरण दिवस है। मानो उनके शब्दों में इनके संचालन में उनके प्रबंधन में सरस्वती विराजमान हो। इनका प्रबंधन इतना बेहतर होता है कि हर कोई बस इनसे सीखना चाहता है। एक बार जो इनसे मिल लेता है और उनके विषय में जान लेता है वह उनके प्रति गदगद हो जाता है। शायद ही ऐसा कोई व्यक्तित्व होगा जो मनोज जैन बाकलीवाल की तारीफ ना करता हो। जब से पूज्य मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज आगरा में वर्षा योग कर रहे हैं उन्होंने अपना तन मन धन सब कुछ पूज्य गुरुदेव के प्रति समर्पित किया हुआ है। भारतवर्ष के किसी भी कोने का व्यक्ति हो बस इन्हे किसी भी कार्य की कहता है वह उसे बेहिचक करने के लिए तैयार रहते हैं। ऐसे व्यक्तित्व निश्चित रूप से आज की युवा शक्ति के लिए प्रेरणादायक है। इसका उदाहरण साफ देखने को मिला संस्कार शिविर के अंदर।




सुगंध दशमी की संध्या बेला में जब संपूर्ण विश्व टीवी चैनलों के माध्यम से पूज्य गुरुदेव की आरती को साक्षात देख रहा था और वह भक्ति में मगन दिखाई दे रहे थे लेकिन भारतवर्ष के कोने-कोने से आए व्यक्तियों ने उन्हें कंधे पर बिठाकर उनके साथ नृत्य किया जो यह दर्शाता है कि यह व्यक्तित्व कितना विशाल हृदय लिए हुए हैं।
आज एक से व्यक्तित्व ने भारतवर्ष की धरा पर जन्म लिया निश्चित रूप से यह गौरव के क्षण है। आज उन्होंने अपने जीवन की 61 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। लेकिन इनको देखकर लगता नहीं है कि यह 61 वर्ष के हैं आज भी समग्र चेतना के साथ खड़े नजर आते हैं। जब भी आगरा नगर का नाम आता है तो मनोज जैन बाकलीवाल का नाम ना आए तो यह हो नहीं सकता
सकारात्मक ऊर्जा के धनी हम सभी के अनुकरणीय श्रीमान मनोज जैन बाकलीवाल चाचा जी को मेरी ओर से ढेरो शुभकामना और यही कामना करते हैं कि आप शतायु हो। और आपका मार्गदर्शन हमें निरंतर मिलता रहे।
शुभकामना प्रेषित
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
