जीवन में संयम की लगाम होना चाहिए दृढ़मति माताजी
गौरझामर
पूज्य आर्यिका105 दृढ़मति माताजी ने उत्तम संयम धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तम संयम हमें बताता है कि अपने मन और इंद्रियों पर नियंत्रण बहुत आवश्यक है।
माताजी ने कहा कि जिस प्रकार गाड़ी में ब्रेक की आवश्यकता होती है इस तरह जीवन में संयम के लगाम होना चाहिए।

इंसान भाग दौड़ के जीवन में बिना विवेक के दौड़ रहा है। खानपान में संयम भी नहीं रखना और इसी कारण रोगों से पीड़ित हो रहा है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
