संयम समझने का नही उतारने का विषय है सुयशसागर महाराज

धर्म

संयम समझने का नही उतारने का विषय है सुयशसागर महाराज

झुमरीतिलैया (कोडरमा)

 

मुनि श्री 108 सुयश सागर गुरुदेव ने अपनी पीयूष वाणी मे भक्तजनों को कहा कि संयम समझने का नहीं अंतरंग में उतारने का विषय है संयम व्यक्ति को पूज्य और वंदनीय बनाता है और इसको देव भी नमस्कार करते हैं बिना संयम के मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती है दूसरों पर कंट्रोल नहीं अपने पर कंट्रोल करो जीवन को संयमित और नियंत्रित बनाना ही संयम है मनुष्य को बाहर से नहीं अंदर से जागने की आवश्यकता है इंद्रियों पर कंट्रोल करके ही संयम धर्म को धारण किया जा सकता है मनुष्य को हमेशा विवेक पूर्वक काम करना चाहिए यत्न पूर्वक कार्य करने से ही संयम होता है नियम और संयम के साथ जीवन जीना चाहिए इसके बिना मनुष्य भी पशु के समान है योगी का जीवन हमेशा स्वतंत्र जीवन होता है और मन को अपने अनुसार चलाते हैं परंतु भोगी व्यक्ति मन का गुलाम बन कर जीते हैं निग्रंथ के बिना निर्वाण की प्राप्ति नहीं हो सकती हैं संसार के बंधन को तोड़ कर संयम धर्म को धारण किया जा सकता है,अपने को व्यवस्थित बना लेना ही संयम है,प्राणों को छोड़कर प्रण को धारण करने वाला ही संयमी होता है

 

 

 

 

 

आज दोनों मंदिरों में बड़े ही भक्ति भाव पूर्वक भक्त जनों के द्वारा धूप दशमी का पर्व मनाया गया  किया गया ।

 

 

पर्युषण महापर्व पर निर्जल उपवास कर रहे वृत्तियों को समाज के मंत्री ललित सेठी, उपाध्यक्ष कमल सेठी, कार्यक्रम के संयोजक नरेंद्र झाझंरी, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र काला, भंडारी सुनील सेठी, जय कुमार गंगवाल, मंदिर निर्माण कमेटी के संयोजक सुरेश झाझंरी सुशील छाबड़ा एवं पार्षद पिंकी जैन ने सभी व्रतधारियों को नमन करते हुए उसकी अनुमोदना की 10 लक्षण व्रत धारी जयकुमार गंगवाल सुरेंद्र काला कमल जैन शैलेश छाबड़ा संजय गंगवाल मनोज गंगवाल अक्षय गंगवाल अंकित ठोलिया प्रशमसेठी जोंटी काला ने गुरुदेव सुयश सागर को श्रीफल चढ़ाकर आशीर्वाद लिया प्रातः विधान अभिषेक पूजा में श्रद्धालु भक्तों को शशि छाबड़ा और सुबोध गंगवाल अपने भक्ति मय संगीत भजनों से लोगों को भाव विभोर कर रहे हैं आज प्रातः नया मंदिर में मूल नायक 1008 महावीर भगवान का प्रथम अभिषेक व शांति धारा का सौभाग्य मानिकचंद मनोज कुमार ईशान सेठी परिवार एवं जयकुमार मनीष गंगवाल परिवार को मिला बड़ा मंदिर में मूल नायक पारसनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक व शांति धारा का सौभाग्य ललित नीलम सिद्धांत पायल सेठी परिवार को मिला पंडाल मेश्री बिहार एवं प्रथम अभिषेक रजत झारी से शांति धारा का सौभाग्य इंदू देवी शेलेश-सुनीता सेठी परिवार को मिला पारसनाथ भगवान की मूल विधि में अभिषेक शांति धारा का सौभाग्य 10 लक्षण व्रतधारी परिवारों को मिला पंडाल में स्वर्ण धारी से शांति धारा का सौभाग्य शांतिलाल जी राजेश देवी परिवार को मिला भगवान का दीप प्रज्वलन गुरुदेव को शास्त्र भेंट चरण धोने का सौभाग्य राकेश अनूप शैलेश दीपक सार्थक रौनक सेठी परिवार को मिला यह सभी जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी राजकुमार अजमेरा,नवीन जैन ने दी

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