पंचमेरू के जिन अभिषेक के साथ धूप दशमी पर्व पर धूप समर्पित कर की कर्मों की निर्जरा
रामगंजमंडी
10 लक्षण पर्व का 6 वा दिवस उत्तम संयम दिवस के रूप में मनाया गया जहां तत्वार्थ सूत्र के 6 वे अध्याय का वर्णन किया गया साथ ही मंदिरों में पंच मेरु जी के जिन अभिषेक किए गए। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पंचमेरू जी की माला का सौभाग्य प्रदीप कुमार विनायका रामगंजमंडी रोहित बड़जात्या पुणे को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर पूज्य ऐलक 105 श्री क्षीरसागर महाराज द्वारा शांति धारा का उच्चारण किया गया। इन सौभाग्य कर्ता द्वारा श्रीजी की मंगल आरती की गई। अभिषेक की समस्त व्यवस्थाओं में राजकुमार गंगवाल, उमंग जैन,दर्शन जैन ने आदि ने अपना सहयोग दिया
वही महावीर दिगंबर जैन मंदिर में हुए पंच मेरु के जिन अभिषेक हुए जिसकी माला का पुण्य लाभ संतोष कुमार अशोक कुमार लांबा बांस परिवार को प्राप्त हुआ एवं इन परिवार के द्वारा श्री जी की शांति धारा की गई साथ ही श्री जी की मंगल आरती की गई। रविवार की संध्या बेला में सभी समाज जनों ने नगर के प्रमुख मंदिरों में धूप समर्पित कर अपने कर्मों की निर्जरा की।

अभिषेक से पूर्व श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पूज्य ऐलक श्री 105 क्षीरसागर महाराज ने उत्तम संयम धर्म पर प्रकाश डाला उन्होंने जीवन में संयमित रहने की बात कही और कहा कि रसना इंद्रिय के वशीभूत होकर व्यक्ति बंधन में बन जाता है। महाराज श्री ने रसना इंद्रीय के संयम की बात करते हुए कहा कि हमें बाहर के खान पीन से बचना चाहिए बाहर का खाना पीना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा की इस रसना के वशीभूत होकर व्यक्ति चाहे तो अपने को गर्त में डाल सकता और इस पर नियंत्रण कर अपने जीवन को उन्नत कर सकता है। उन्होंने मोबाइल पर भी नियंत्रित करने की बात कही मोबाइल की दुष्परिणाम बच्चों के अंदर ज्यादा देखने को मिले हैं और वह हिंसा जनित खेल-खेलकर दुष्परिणामों की ओर बढ़ रहे हैं और हिंसा जनित कार्य करने की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

उन्होंने मोबाइल सेल्फी लेते समय भी सावधानी रखने की बात कही एक व्यक्ति ने सेल्फी लेते हुए दुर्घटना से ग्रसित हो गया जब चिड़िया घर में था और चिड़िया घर में जाते ही वह ध्यान नहीं रहा और पिंजरे में गिर जाता है और शेर उसे शिकार कर लेता है। बिना प्रयोजन घास पर चल नहीं घूमना चाहिए दूसरों को आघात करना संकल्प हिस्सा कहलाती है। इंसा से बचने वाले प्रशंसनीय कहलाते हैं। हमारे अंदर जीवो की रक्षा का भाव होना चाहिए। उन्होंने 10 दिनों में संयम लेकर चलने की बात कही और मादक पदार्थों को छोड़ने का संकल्प लेने की बात कही। और व्यसनों से बचे।

जो धन लॉटरी सट्टा आदि करते हैं उन्हें भी नियंत्रण करना चाहिए और संयम का पालन करना चाहिए। उन्होंने पटाखे को न छोड़ने की बात कही। जहां पटाखे फोड़े जाते हैं वहां से पक्षियों को उड़ना पड़ता है।

उन्होंने करुणा की बात कहते हुए कहा कि पटाखों के कारण दिवाली पर कई पक्षियों के गर्भपात तक हो जाते हैं इससे बचना चाहिए।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
