हमें हर तरह की स्थिति में शांति रखना चाहिए दृढ़मति माताजी
गौरझामर
परम पूज्या आर्यिका 105 दृढ़मति माताजी अपने उद्बोधन में कहा कि 10 धर्म का शुभारंभ हो चुका है। जिसमें क्षमा धर्म को प्रथम बताया गया है।
इसका महत्व बताते हुए कहा कि क्रोध न करना ही क्षमता का आना है हमें किसी भी स्थिति में शांति रखना चाहिए उन्होंने कहा कि क्रोध के आने से जीवन में शांति आती है और क्रोध से पतन निश्चित होता है और क्रोध सर्वनाश का कारण होता है।


मंच का संचालन कर रहे दीपक भाई ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि माताजी संघ के द्वारा उत्तम क्षमा से 10 धर्म की यात्रा प्रारंभ हुई ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंज मंडी
