दसलक्षण पर्युषण महापर्व प्रारंभ अजमेरा परिवार कोडरमा को मांगलिक कलश स्थापना का सौभाग्य मिला
बेगुर (बेंगलोर)
कर्नाटक जैन धर्म का सबसे बड़ा और त्यागमय पर्व पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व बैंगलोर में प्रारंभ जो *भाद्रपद शुक्ल पंचमी से भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी दिनांक 19 सितंबर 2021 से 29 सितम्बर 2023 तक*बहुत ही धूमधाम से बेगुर पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर,बेगुर (बैंगलोर) कर्नाटक में मनाया जाएगा जिसकी शुरुआत करते हुवे सभी लोगो में एक अलग उत्साह है बेंगलुरु में रहने वाले सभी परिवार लगभग जो भी है वो ऑफिस करते हुवे पर्युषण मना रहे है और उन सभी मे एक अलग उत्साह है प्रथम दिन सबसे पहले श्री जी को पांडुकशीला पर 1008 श्री पारसनाथ भगवान की प्रतिमा को विराजमान किया इसके पश्चात प्रथम अभिषेक अनिल काला को प्राप्त हुआ ओर शांतिधारा अखिल जैन को प्राप्त हुआ इसके साथ ही दसलक्षण पर्व का मांगलिक कलश विराजमान किया गया जो दस दिनों तक बिराजमान रहेगा जिसका सौभाग्य कोडरमा निवासी बेंगलोर प्रवासी अशोक-मंजू,बिनोद, पुनीत-निधि,अर्हम अजमेरा को प्राप्त हुवा।
पर्वाधिराज दशलक्षण महा पर्व के आरम्भ आज हुवा जिसका आज प्रथम धर्म उत्तम क्षमा मनाया गया जैन धर्म ही एक ऐसा धर्म है जो अपने अनुयायियों को पापों को धोने का समय प्रदान करता है
किए हुए पापों के लिए प्रायश्चित
सताए हुये जीवों से क्षमा माँगने
क्रोध को त्याग करके बैर मिटाने
मान घमण्ड से दूर रहने
माया चारी से दूर रहने
सांसारिक वस्तु के लालच से दूर रहने
विनय वान बनकर देव शास्त्र गुरु की श्रद्धा करने। झूठे दर होकर सत्य को धारण करने अपने जीवन को संयमित रखने


तपस्या में लीन होकर आत्म ध्यान करने,
संग्रह किए हुए परिग्रह को त्याग करने
काम विषयों से दूर रहकर ब्रम्हचर्य में रहने का मौक़ा दश लक्षण आत्म शुद्धि के पर्व के रूप में प्रदान करता है।
इस पर्व में दश धर्म को जीवन में उतार कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करना चाहिए।
इस अवसर पर विवेक बाकलीवाल, मनीष जैन।
शौरभ सिंघई, कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा,पुनीत अजमेरा ने दी
