मुनिश्रीअक्षय सागर महाराज, एवं मुनि श्री भावसागर महाराज 1000 किलोमीटर से भी अधिक का पद बिहार कर कुंडलपुर तीर्थ पहुंचे पेरो में छाले

धर्म

मुनिश्रीअक्षय सागर महाराज, एवं मुनि श्री भावसागर महाराज 1000 किलोमीटर से भी अधिक का पद बिहार कर कुंडलपुर तीर्थ पहुंचे पेरो में छाले
कुंडलपुर
आज संपूर्ण विश्व की निगाहें कुंडलपुर तीर्थ पर टिकी हुई है जहां आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज की श्रमण परंपरा के नवीन आचार्य का पद आरोहण 16 अप्रैल 2024 को होने जा रहा है जिसको लेकर लगभग 350 से अधिक साधु संत कुंडलपुर तीर्थ पर होंगे।

 

 

अनेकों साधु संतों का आगमन कुंडलपुर तीर्थ पर हो चुका है वह भक्तों का हजुम भी इस साक्षात समवशरण के दर्शन करने को आ रहा है। अनेको साधु संतों हजार किलोमीटर से भी अधिक का पद बिहार कर क्षेत्र पर आए यहां तक की लक्ष्य की और अग्रसर होते हुए इन संतों ने अपने पैरों के छाले वह मैं शरीर में आ रही व्याधियों की भी चिंता नहीं की। प्रतिदिन कई संतों ने तो 30 से 35 किलोमीटर तक का पद बिहार किया। यदि हम इस पर बात करें तो हम भी देखेंगे कि जैन संत निर्मोही होते हैं। और परिषह को कहते हैं ऐसा ही देखने को मिला पूज्य मुनि श्री अक्षय सागर महाराज में उन्होंने नवी मुंबई से 25 फरवरी 2024 को कुंडलपुर तीर्थ की ओर बिहार किया था।   

 

 

 

 

वे गुरुवार को दमोह जिले आमखेड़ा पहुंच गए थे। यदि उनके पैरों पर गौर किया जाए तो हर कोई भावुक हो सकता है लेकिन मुनि श्री इसकी परवाह नहीं कर रहे और केवल लक्ष्य की ओर अग्रसर है।

 

उनके पैरों में छाले अलग से ही दिखाई पड़ रहे हैं। जब मुनि श्री से पूछा गया तब उन्होंने कहा कि लक्ष्य की ओर हमारा ध्यान रहा। मुझे नहीं पता कि मेरे पैरों में क्या हुआ है। मुझे तो संघ में शामिल होना है। पूज्य महाराज श्री निरंतर विहार करते हुए कुंडलपुर तीर्थ पहुंचे हैं। पूज्य महाराज श्री की दीक्षा 1991 में मुक्तागिरी तीर्थ पर हुई थी। निश्चित रूप से पूज्य महाराज श्री उत्कृष्ट साधक एवं तपस्वी हैं।

मुनि श्री भावसागर महाराज के पैरों में पड़े छाले अब ठीक होने लगे हैं।
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि श्री भाव सागर महाराज ने भी 1200 किलोमीटर का पद विहार किया है। विगत दो दिन पूर्व ही उनका कुंडलपुर में आगमन हुआ है। महाराज श्री ने प्रतिदिन 20 से 25 किलोमीटर पद विहार करना तय किया था। लेकिन बीच में जंगल पड़ने पर उन्हें ज्यादा भी चलना पड़ा था। उन्होंने जो कहा वह काफी गदगद कर देने वाला है और भावुक कर देने वाला है महाराज श्री ने कहा कि पैर में छाले पडना कोई विषय नहीं है।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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