उदारमना भामाशाह धर्मनिष्ट व्यक्तित्व श्रीमान कस्तूरचंद जैन बाबरिया के महाप्रयाण दिवस पर भावाव्यक्ति

धर्म

उदारमना भामाशाह धर्मनिष्ट व्यक्तित्व श्रीमान कस्तूरचंद जैन बाबरिया के महाप्रयाण दिवस पर भावाव्यक्ति

बहुत कम व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनका जीवन गृहस्थ में रहकर संयम साधना के साथ संत जैसा जीवन व्यतीत हुआ हो और अपने जीवन को सादगी की तरह व्यतीत किया हो

यह ऐसे व्यक्तित्व थे जिनका वर्णन आज उनके दसवें महाप्रयाण दिवस पर होना आवश्यक है जो ना सिर्फ रामगंजमंडी नगर के अपितु हाडोती के , मेवाड़ के, समस्त जैन जगत के गौरव थे। उनका नाम भला कौन नहीं जानता जो आज भी आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्पद है ऐसे महान व्यक्तित्व के धनी श्रीमान कस्तूरचंद जैन बाबरिया दौतडा वाले रामगंजमंडी उनकी महानता ,उनका तप, त्याग, सभी को साथ लेकर चलने की उनकी कला रामगंजमंडी नगर के लिए एक आदर्श स्थापित करती है। उनके द्वारा किए गए कार्य अविस्मरणीय व युगो युगो तक जीवित रहेंगे। हर व्यक्ति को जोड़ कर रखना समाज में कोई भी धार्मिक कार्य होने पर अपने आप को स्वयं आगे न रखकर औरों को आगे बढ़ाना इनकी एक विशेषता कही जा सकती है। और दिशाबोध देना इनकी निशानी थी। तन मन धन सब कुछ धर्म समाज सेवा को समर्पित रहा ।

 

 

 

आप निर्मल स्वभावी, अपने नियम के प्रति दृढ़ थे।
इनका व्यक्तित्व ऐसा था कि इन्हें सब अपना आदर्श मानते थे वह समाज में कोई भी कार्य होने पर इनका मार्गदर्शन जरूर लिया जाता था । वे संत की तरह जीवन व्यतीत करते थे। एक समय ऐसा था जब इन्होंने महाराज श्री को आहार दिया जहां आहार दिया वही उन्होंने अपना आहार ग्रहण किया।

अपने नियम संकल्प पालन में उन्हें कमी नजर आई लेकिन वे शांत रहे। अपने गांव रामगंजमंडी आकर अभिषेक पूजन आदि करके आहार ग्रहण किया। एवं प्रायश्चित स्वरूप नीरस भोजन किया। सादगी जिनका व्यक्तित्व दर्शाता था वे असाधारण व्यक्तित्व थे जिनके जीवन का एक एक पन्ना आज की युवा पीढ़ी और समाज के लिए शिक्षाप्रद है। इन्हें निश्चित रूप से हम इन्हें महापुरुष की भी संख्या दे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं है। अनेकों मंदिर निर्माण, स्वयंसेवी संस्थाओं में इन्होंने अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग किया। जो आज उनके परिवार के श्रीमान सुरेश कुमार सिद्धार्थ कुमार जैन दोतडा वाला परिवार उनके ही कदमों पर चलते हुए दो कदम आगे बढ़कर चल रहे हैं। बहुत कम देखने को मिलता है कि एक ही परिवार की तीन पीढियां धर्म कार्य में समाज सेवा में आगे बढ़कर चल रही हो।

 

 

 

इस महाप्रयाण दिवस पर हम तो यही कहेंगे

 

जिनके व्यक्तित्व स्म्रति
आज भी नमन करती है सारी धरती
आप आज भी प्रकाशमान दीपक की ज्योति
अनमोल मोती
हम सबकी संबल ज्योति
इस पुण्य स्म्रति पर हमारी यही विनयांजलि

कोटिश नमन
अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमंडी

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