ज्ञान के साथ विवेक भी जरुरी स्वस्तिभूषण माताजी
रामगंजमंडी
परम पुज्या भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी के सानिध्य मे धर्म की गंगा बह रही इसी क्रम मे बुधवार की संध्या बेला मे भगवान आदिनाथ के जन्म एवम तप कल्याण महोत्सव पर माता के सोलह स्वपन एवम पालना झुलाया गया सोलह स्वप्न की प्रस्तुती शांतिनाथ दिगम्बर जैन महिलामंडल द्वारा दी गई जो बहुत ही अलोकिक रही इसी के साथ महाराज नाभिराय एवम मरूदेवी बनने का सोभाग्य नीरज निधि जैन को प्राप्त हुआ गुरुवार की बेला मे माताजी सानिध्य मे भक्तिभाव के साथ मुनिसुव्रतनाथ महामंडल विधान हुआ श्रीजी का अभिषेक शांतिधारा एवम अखंड दीप प्रज्वालित करने का लाभ जगदीशचंद अभिषेक कुमार बुरनखेडी वालो को प्राप्त हुआ
मंडल पर चार मुख्य कलश स्थापित करने का लाभ राजेंद्र कुमार मनोज बडजात्या प्रदीप कुमारप्रतीक सोनी विनोद कुमार नमन मित्तल शिखरचंद सुरेन्द्र कुमार टोंग्या को प्राप्त हुआ महामंडल विधान मे भक्त भक्ति से सराबोर रहे इस अवसर पर कोटा से आए सभी भक्तो ने कोटा आगमन हेतु निवेदन किया अनेक स्थानों से भक्त दर्शन हेतु आए।

इस अवसर पर माताजी ने कहा की ज्ञान के साथ विनय और विवेक भी जरुरी विवेक के बिना ज्ञान कार्यकारी नहीं है ज्ञान होने के साथ विवेक की भी जरुरत होती है धर्म यदि विवेक के साथ किया जाएगा सही दिशा मे ले जाएगा माताजी ने कहा स्वाध्याय आत्मा का भोजन है शारीरिक शक्ति आत्मा से मिलती है





शारीरिक और मानसिक शक्ति स्वाध्याय से मिलती है उन्होने कहा की भगवान् महावीर ने शब्द दिया है की विवेक के साथ रहना चाहिए

विवेक गुण है विवेक योग्यता है विवेक धर्म है विवेक नहीं तो धर्म नहीं धर्म विवेक के साथ ही सही दिशा मे ले जाएगा फैशन के विषय मे कहा फैशन करना अच्छा है इतना उपयोग न करे की वह भावो को बदल दे और माहोल को ख़राब कर दे पहनावे मे भी विवेक होना चाहिए। पूज्य माताजी ने मंडल विधान से पूर्व शांतिनाथ दिगंबर जैन नसिया के भी दर्शन किए एवम जिनालय एवं नसिया जी के कार्यों के बारे में दिलीप कुमार विनायका प्रकाश विनायका ने बताया
अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
