बिना संस्कार के मानव का कोई अस्तित्व नहीं दृढ़मति माताजी
गौरझामर
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की परम शिष्या आर्यिका 105 दृढ़मति माताजी का वर्षायोग भक्ति भाव के साथ चल रहा है।
अपने मांगलिक उद्बोधन में पूज्य माताजी ने संस्कारों की ओर जाने की बात कही उन्होंने यह भी कहा कि आज की भौतिकता में बच्चों के अंदर संस्कार होना आवश्यक है। पाठशाला को संस्कार देने की प्रयोगशाला बताते हुए कहा कि मानव में यदि संस्कार नहीं है तो उसका कोई अस्तित्व नहीं होता है। नगर के समस्त पाठशाला उन्हें पूज्य माता जी के सानिध्य में अष्ट द्रव्य के विशेष थाल सजाकर आचार्य श्री का भक्ति के साथ पूजन किया वीडियो द्वारा विशेष थाल सजाए गए थे। प्रवचन के बाद प्रश्न मंच का भी आयोजन किया गया।
पाठशाला के संचालक दीपक चौधरी ने कहा कि पूज्य माताजी सागर शहर का गौरव नहीं है अपितु संपूर्ण सागर जिले का गौरव है। हम सभी सौभाग्यशाली हैं जो साक्षात सरस्वती मां के रूप में गुरु मां के चरण हमारे नगर में पड़े।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
