रामगंजमंडी की धर्मनिष्ट श्रीमती पूजा जैन बाबरिया ने अपना जन्मदिन गुरु चरणों को समर्पित किया एवम दोनों जीवनसाथी ने व्रत उपवास करने का लिया नियम संकल्प

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रामगंजमंडी की धर्मनिष्ट श्रीमती पूजा जैन बाबरिया ने अपना जन्मदिन गुरु चरणों को समर्पित किया एवम दोनों जीवनसाथी ने व्रत उपवास करने का लिया नियम संकल्प
रामगंजमंडी
आज की इस चकाचौंध में युवा भौतिकता के चक्रव्यूह में उलझा हुआ जा रहा है । किसी भी तरह की कोई खुशी जन्मदिन आदि होने पर मौज शौक आदि में लीन होकर होटल, रिजॉर्ट आदि में व्यतीत कर देता है और हमारे धार्मिक संस्कारों को भूलता चला जा रहा है।
ऐसे में युवा युगल सिद्धार्थ पूजा जैन बाबरिया रामगंज मंडी निवासी ने एक अलग उदाहरण प्रस्तुत किया 10 जुलाई 2023 को पूजा जैन बाबरिया ने अपना जन्मदिन आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चरणों में चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ (छ.ग.) में रहकर मनाया जहां उन्होंने गुरुवर के चरणों में श्रीफल समर्पित किया कर विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया और एक उपवास एक आहार करने वाले उत्कृष्ट साधक – तपस्वी संत मुनि श्री 108 चंद्रप्रभ सागर महाराज को आहार कराने का सौभाग्य भी इन दोनों जीवनसाथी को प्राप्त हुआ ।

 

 

उन्हें नवधा भक्ति पूर्वक आहार कराने का सौभाग्य श्रीमान शांतिनाथ जैन, ब्रह्मचारिणी सरिता दीदी, ऋषभ भैया सोलापुर, ब्रह्मचारिणी अरुणा दीदी हुपरी महाराष्ट्र के चौके में प्राप्त हुआ।

 

 

कहा जाता है कि संस्कार एक दिन एक विशाल रूप लेकर सामने आते हैं ऐसा ही इन दोनों युगल ने किया पूजा जैन बाबरिया रामगंजमंडी ने आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज से अपने जन्मदिन पर जिन सहस्त्रनाम के व्रत का नियम लिया साथ ही उनके जीवनसाथी सिद्धार्थ जैन बाबरिया ने चौंसठ ऋद्धि व्रत उपवास का नियम लिया ।

अक्सर देखने को मिलता है कि जीवनसाथी कोई भी अवसर होने पर एक दूसरे को उपहार आदि देते हैं लेकिन इन लोगों ने एक दूसरे को उपहार आदि ना देकर अपनी धर्म साधना को आगे बढ़ाने का उपहार दिया। जो युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणास्पद उदाहरण बनकर सामने आया है। इतना ही नहीं इन दोनों ने अपनी विवाह की प्रथम वर्षगांठ भी शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर की वंदना करके मनाई । साथ ही इन दोनों ने अपने नव जीवन की शुरुआत 21 नवंबर 2021 को तपोदय तीर्थ बिजोलिया में चक्रवर्ती विवाह के साथ की थी । आपको बता दें श्रीमती पूजा जैन बाबरिया के माता एवं पिता अनिल मैना ठग बोराव निवासी को वर्ष 2017 में मुनि श्री 108 विनीत सागर महाराज की पुरानी पिच्छी लेने का अवसर प्राप्त हुआ था।

इसके आगे हम गए तो सिद्धार्थ जैन बाबरिया रामगंजमंडी के पिताश्री एवं मातोश्री सुरेशकुमार रेखा जैन बाबरिया को वर्ष 2018 में मुनि श्री 108 चंद्रप्रभ सागर महाराज की पुरानी पिच्छिका प्राप्त करने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त हुआ था। यह दोनों युवा युगल समाज के लिए एक आदर्श स्थापित करते हैं। हाल ही में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के दीक्षा दिवस पर इनके परिवार को चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ में ही आहार एवं चरण वंदना का पुण्य लाभ प्राप्त हुआ था । आश्चर्य की बात है उस समय 15 दिन इनका पूरा परिवार चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ में रहकर गुरु चरणों में समर्पित रहा । एवं केवल 8 दिन रामगंजमंडी आकर पुनः गुरु चरणों की ओर यह दोनों बढ़ चले। यह उनका धर्म और गुरु चरणों के प्रति लगाव श्रद्धा एवं भक्ति को दर्शाता है।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट

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