जब मंडप छोड़ दुल्हा दुल्हन पहुंचे थे आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का आशीष लेने 6 जुलाई 2021 की स्मृति
पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज तो जन जन के संत है उनकी आशीष लेने उनकी एक झलक पाने की हर कोई आतुर रहता वे सचमुच जन जन के आराध्य हैं। जहा गुरुदेव की चरण रज पढ़ जाती है वह धरा स्वर्णिम व पावन हो जाती है। और एक संस्मरण बना देती है जो इतिहास बना देते है।
हम ऐसे ही क्षण की बात कर रहे हैं यह शान उस समय के हैं जब 6 जुलाई 2021 को पूज्य गुरुदेव पिपरिया में विराजमान थे यह संयोग ही कहा जाएगा कि उस दिन मंगलवार था और वह मंगलवार मंगलमय बन गया। जब आचार्य श्री का आशीर्वाद लेने विवाह विवाह की रस्म को छोड़कर दूल्हा दुल्हन उनका आशीर्वाद लेने उनके पास आ गए। उस समय आचार्य श्री शोभापुर रोड पर एक गार्डन के पास विश्राम के लिए रुके थे।
तभी उसी क्षेत्र में रहने वाले मुकेश जैन की पुत्री और सतीश जैन के उत्तर का विवाह संस्कार की रस्म चल रही थी। दूल्हा एवं दुल्हन का परिवार भी धर्म से जुड़ा हुआ था। और दूल्हा दुल्हन भी धर्म से जुड़े हुए थे। इन दोनों दूल्हा दुल्हन को इसकी जानकारी जैसे ही प्राप्त होती है वह समस्त विवाह की क्रियाओं को छोड़कर सबसे पहले आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का आशीर्वाद लेने दौड़े-दौड़े पहुंच जाते हैं। पूज्य गुरुदेव ने इन दोनों वर वधु को अपने आशीष को प्रदान किया। यह ऐसे क्षण है जो सभी के लिए प्रेरणा बन जाते हैं की आज की युवा पीढ़ी धर्म से भी जुड़ना चाहती है पूज्य गुरुदेव के चरणों में आकर उन्होंने अपने नवजीवन की शुरुआत धर्म से जुड़ने की। इन क्षणों को वहां मौजूद हर कोई व्यक्ति देख रहा था और श्रद्धा के भाव से भर रहा था। यह क्षण इसलिए साझा किए जा रहे हैं की ऐसे क्षण समाज के बीच एक आदर्श और नया आयाम स्थापित करते हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
