खतरनाक बीमारियों का कारण क्रोध है मुनि श्री भाव सागर महाराज
घाटोल
धर्म परायण नगरी घाटोल मे आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर महाराज संघ का वर्षा योग भक्ति भाव के साथ संपन्न हो रहा है।
गुरुवार की अनुपम बेला में मुनि श्री भाव सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में खतरनाक बीमारियों का कारण क्रोध को बताते हुए कहा कि क्रोध के कारण ही खतरनाक बीमारियां आती हैं। इसी के कारण से कैंसर वह हार्टअटैक जैसी बीमारियां होती हैं।
पूज्यश्री ने क्रोध से बचने का उपाय बताते हुए कहा कि जब भी क्रोध आने लगे तो उल्टी गिनती को गिनना शुरू कर देना चाहिए और जल को ग्रहण कर लेना चाहिए। क्रोध आने के बाद क्षमा मांग लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आई एम सॉरी कह देना पर्याप्त नहीं होता है।
क्षमा के विषय में बोलते हुए कहा कि क्षमा पवित्रता व साहिनुष्ता है, महान तप व स्वाध्याय है। जीवन भर पूजा पाठ किया लेकिन क्रोध को यदि त्याग नहीं किया तो जीवन व्यर्थ है क्षमा के गुणों का वर्णन करते हुए कहा कि क्षमा कांटा नहीं फूल है। क्षमा से ही जीवन में महानता आती है। हम क्रोध करके दुश्मन को मार सकते हैं लेकिन दुश्मनी को नहीं। जिसके जीवन में क्रोध होता है वह रात भर रोता रहता है और जिसके जीवन में क्षमा होती वह चैन की नींद सोता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि हम उन्ही से क्षमा मांगते हैं जिनसे हमारा बैर भाव नही है। जबकि क्षमा उनसे मांगना चाहिए जिनसे हमारा बेर भाव हुआ हो या कहासुनी हुई हो। 15 दिन एक माह में क्षमा मांग ले नही तो दुर्गति होगी।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
