सोनागिर में होगा गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी का चातुर्मास
सोनागिर
स्वस्तिधाम प्रणेत्री गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी एवं गणिनी आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी ससंघ का पावन वर्षायोग 2023 श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर जी (दतिया) मध्यप्रदेश में होगा ।
आज श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर जी में भारत गौरव, विदुषी लेखिका गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने 2023 का चातुर्मास सोनागिर सिद्धक्षेत्र में करने की घोषणा की । चातुर्मास घोषणा से पूर्व पूज्य गुरुमां ने ससंघ 1008 से अधिक भक्तों के साथ श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर पर्वत की बन्दना की । सोनागिर पर्वत की बन्दना के मध्य ही परम पूज्य मुनिश्री पुण्यसागर जी महाराज ससंघ, मुनिश्री मंगलानन्द जी महाराज ससंघ, मुनिश्री आदर्शसागर जी महाराज ससंघ, मुनिश्री सोमदत्तसागर जी महाराज ससंघ, गणिनी आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी, गणिनी आर्यिका स्वर्णमति माताजी, क्षुल्लिका पूजाभूषण माताजी, क्षुल्लिका भक्तिभूषण माताजी के आशीर्वाद व सान्निध्य एवं स्वस्तिधाम प्रणेत्री गुरुमां गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी के पावन निर्देशन में प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत के आचार्यत्व में सोनागिर पर्वत पर श्री सहस्त्र कूट जिनालय की आधारशिला श्रावक श्रेष्ठि जौहरी लाल जी हरिद्वार, योगेश जी जैन खतौली वाले दिल्ली,
राज कुमार जी जड़ीबूटी वाले शिवपुरी, कैलाश चंद जी माणक जी रमेश जी ठोलिया जयपुर द्वारा
रखी गई ।

मनोज जैन नायक ने बताया की छाणी परम्परा के सप्तम पट्टाचार्य, सिंहरथ प्रवर्तक, त्रिलोकतीर्थ धाम प्रणेता आचार्य श्री विद्याभूषण सन्मतिसागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या स्वस्तिधाम प्रणेत्री गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने अल्पकाल में सैकड़ों पुस्तकों की रचना की । राजस्थान के भीलबाड़ा जिले में जहाजपुर नामक ग्राम में भगवान मुनिसुव्रतनाथ का जहाज के आकार के एक विशाल एवं भव्य मंदिर का निर्माण कराया । जिसे मुनिसुव्रतनाथ अतिशय क्षेत्र, स्वस्तिधाम, मुनिसुव्रतनाथ धाम आदि आदि अनेकों नामों से जाना जाता है । यह एकमात्र ऐसा जैन तीर्थ स्थल है जो प्रतिष्ठा होने से पूर्व ही भारत सहित पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो गया था ।
संवाददाता मनोज नायक ने इस बात को प्रकाशित किया था कि गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी का 2023 का पावन वर्षायोग सोनागिर या मुरार में होने की पूर्ण संभावना है ।
इस अवसर पर सोनागिर जी में दिल्ली, जयपुर, मुरार, मुरेना, लश्कर, डबरा, अम्बाह, ग्वालियर, करैरा, शिवपुरी, भीलबाड़ा, अजमेर एवं विभिन्न शहरों से हजारों की संख्या में गुरुमां के भक्त उपस्थित थे ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
