मां बेटे सहित 4 सदस्यों ने ली जिनेश्वरी दीक्षा। आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के 50 वें अवतरण दिवस पर एवं 26 वे मुनि दीक्षा दिवस का हुआ आयोजन

धर्म

मां बेटे सहित 4 सदस्यों ने ली जिनेश्वरी दीक्षा।
आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के 50 वें अवतरण दिवस पर एवं 26 वे मुनि दीक्षा दिवस का हुआ आयोजन

टीकमगढ़
राजेंद्र पार्क के मानस मंच परिसर पर मैं बुधवार की पावन बेला में जिनेश्वरी दीक्षा संपन्न हुई। इसी क्रम में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज का 50 वा अवतरण दिवस एवं 25वां मुनि दीक्षा दिवस बनाया गया। जिसमें मां और बेटे वह दो अन्य दीक्षाएं संपन्न हुई।

जानकारी साझा करते हुए नरेंद्र जैन ने बताया कि सुबह चारों दीक्षार्थी के केशलोच हुए। इसके बाद यह सभी दीक्षार्थी भव्य जुलूस के साथ मानस मंच पर आए। जहां मंगलाचरण वह शांति मंत्र का उच्चारण किया गया। दीक्षा की क्रिया में सर्वप्रथम मंडल की शुद्धि एवं भूमि शुद्धि की गई। दीप प्रज्वलन के बाद आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन हुए। व शास्त्र भेंट किए गए। इसी कार्यक्रम में चौक पुरन किया गया। उसके बाद दीक्षार्थीयों को मंच पर आसीन कराया गया।

बाबूलाल जैन निवासी गढा गुलगंज जिला छतरपुर, शशि जैन ललितपुर, पुत्र सोहित भैया, और माता रश्मि जैन मुरैना के परिवार जन व संबंधी आयोजन में शामिल हुए। चारों दीक्षार्थी ने सभी से परस्पर क्षमा याचना की। इन सभी ने गृह त्याग कर दीक्षा देने हेतु पूज्य आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज से दीक्षा देने हेतु एवं सन्यास के मार्ग पर आरूढ़ करने का निवेदन किया। और कहा कि गुरुदेव हम पिचि कमंडल लेकर संयम की साधना करके मोक्ष मार्ग पर चलना चाहते हैं। गुरु ने कहा कि यह संयम का मार्ग है। जीवन पर्यंत तुम्हें कर्म से मुकाबला करना होगा। और मोक्ष मार्ग प्रशस्त होगा। आचार्य श्री ने कहा कि एक भाई हमारे संघ में मुनि है। एक भाई और मुनि बनने जा रहे हैं। इस दीक्षा के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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