रनेह पुलिस थाना परिसर और मठ में आदिनाथ भगवान की व प्राचीन कलाकृतियां सरक्षण के अभाव में बिखरी पड़ी है
रनेह
रनेह पुलिस थाना परिसर और मठ में प्राचीन कलाकृतियां बिखरी पड़ी है। थाना परिसर में भगवान आदिनाथ से लेकर नृत्यागंनाओं तक यह कलाकृति है जो लावारिस पड़ी हैं, लेकिन संरक्षण को लेकर कोई सांझ संभार नही। न ही कोई पहल हुई हैं।
यह हमारी धरोहर है यहां तक मूर्तियां खंडित हो गई हैं। इनको कहीं भी स्थापित किया जा सकता है। लेकिन इस और शासन और न ही कुंडलपुर ट्रस्ट की नजर है।
यह हमारी धरोहर है और हमारी विरासत के रूप में है लेकिन एक टीनशेड के नीचे प्रतिमाएं बिखरी पड़ी हुई हैं। यहां पर बता दें कि दमोह जिले में भारतीय पुरातत्व विभाग के रिकार्ड में केवल 14 स्थान दर्जहैं, जबकि मध्यप्रदेश पुरातत्व संग्रहालय के पास 4संपदा हैं। इसके अलावा जो संपदा है वह लावारिस पड़ी हुई है।

भारतीय पुरातत्व विभाग केअंतर्गत फुटेरा तालाब बराह, नोहटा मंदिर,हटा, मड़ियादो किला सहित 14 ऐसे स्थान हैं, जोसर्वे के बाद विभाग में संग्रहित किए गए हैं। इसकेअलावा मप्र संग्रहालय के पास दमयंती किला,गिरजा घर, रुक्मिणी मठ कुण्डलपुर, चित्राखेड़ा, बांदकपुर का अधिकार है। इस तरह केवल 18स्थानों को पंजीकृत किया गया है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
