आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज को आचार्य शिरोमणि की उपाधि से सुशोभित किया गया
उदयपुर
बीसवीं सदी के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य 108 श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश, राष्ट्र गौरव, वात्सल्य वारिधि, वर्तमान के वर्धमान आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज को भगवान महावीर जन्म कल्याणक पर्व पर दिनांक 03/04/2023 के दिन उदयपुर सकल समाज के नेतृत्व में “आचार्य शिरोमणि” की उपाधि से अलंकृत किया गया
पूज्य आचार्य श्री ने अपने मंगल प्रवचन में कहा की भगवान महावीर स्वामी के जन्म जन्म जयंती के उपलक्ष में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने महती धर्म सभा में बताया कि महावीर स्वामी के जीव की अनेक पर्याय का वर्णन कर बताया कि पुरवा भील पूर्व भव में जातिगत मांसाहारी होने के बावजूद जब एक मुनिराज का प्रवचन सुना तब उन्होंने मांस का त्याग किया। अपने परिणामों को शुद्ध बनाया उसके बाद सिंह की पर्याय में भी आए थे तिर्यंच पर्याय से फिर अनेक पर्याय होते हुए मानव जन्म लेकर वीर,सम्मति अतिवीर वर्धमान और महावीर स्वामी बने इस प्रकार एक भील जाति से सिंह की पर्याय इतिहास फिर जीव ने परिणामों को विशुद्ध बनाकर निर्मल कर परमात्मा बने तो आप सभी को अपने जीवन को सार्थक करने का पुरुषार्थ करना चाहिए।धर्म को समझ कर धारण करना चाहिए और मानव पर्याय को सार्थक मनाना चाहिए।


आचार्य श्री ने बताया कि आप महावीर स्वामी की जन्म जयंती महोत्सव सुबह से मना रहे हैं मानव जन्म पापों का नाश कर सौभाग्य जगाने की पर्याय है जिनकी जयंती मना रहे हैं उनके उपदेशों को जीवन में ग्रहण कर अपनाना चाहिए धर्म तीर्थंकरों की देशना से प्राप्त होता है आपको धर्मात्मा बनकर परमात्मा बनने के लिए पुरुषार्थ करना चाहिए।
आचार्य श्री की मंगल देशना के पूर्व आर्यिका श्री महायशमति जी एवम् मुनि श्री हितेंद्र सागर जी के प्रवचन हुए।
कार्यक्रम के दौरान नगर की विभिन्न समाज का स्वागत अभिनंदन किया गया। संघ के बाल ब्रह्मचारी गजू भैया विहार की आवास व्यवस्था के प्रभारी परमीत भया ,आहार व्यवस्था के श्री छोटू भैया,श्रीमती तारा देवी सेठी का सम्मान किया गया।
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के प्रवचन तथा संघ के विहार की अपडेट जानकारी प्रिंट एवम् इलेक्ट्रानिक मीडिया से त्वरित सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के लिए राजेश पंचोलिया इंदौर का स्वागत श्रीफल प्रतीक चिन्ह से किया गया। श्री शांतिलाल वेलावत का, संघ के चिकित्सक प्रहलाद मिश्रा उदयपुर का भी स्वागत किया गया
इसके पूर्व भगवान महावीर स्वामी की जन्म जयंती मनाने के लिए वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का संघ सहित सर्व ऋतु विलास से नगर निगम कम्युनिटी हॉल परिसर के लिए मंगल विहार हुआ आचार्य संघ के मंचासीन होने के पश्चात चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन श्री गज्जू भैया अमित भैया सोनू भैया ने किया मंच का संचालन राजेश देवड़ा एवं पारस जी सिंघवी ने किया कायना जैन द्वारा मंगलाचरण नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया स्वागत भाषण रोशनलाल अध्यक्ष sector-11 ने प्रस्तुत कर आचार्य श्री का गुणानुवाद किया तथा आगामी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा की जानकारी दी ।

आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन का सौभाग्य क्षेत्रीय विधायक मावली ,उदयपुर आयुक्त राजस्व विभाग उदयपुर को प्राप्त हुआ ।नगर के विभिन्न समाज संगठन द्वारा आचार्य श्री के चरणों का वंदन, अभिनंदन किया गया। नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण पुण्य का कार्य अंतर्गत प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांति सागर जी की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परम्परा के पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को परंपरा के सभी आचार्यों की चातुर्मास भूमि उदयपुर में सकल नगर उदयपुर द्वारा आचार्य शिरोमणि की उपाधि से विभूषित किया गया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
