मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज को दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी कमेटी ने किए श्रीफल भेंट महावीर के सिद्धांतों को समझना बहुत आसान है–मुनिपुगंव श्रीसुधासागर महाराज
अशोक नगर —
जिले की सीमा पर स्थित ललितपुर जिले के यशोदय तीर्थ महरौनी पहुंच कर जिले के सबसे बड़े तीर्थ अतिशय क्षेत्र दर्शनोंदय तीर्थ थूबो नजी कमेटी ने आध्यात्मिक संत मुनि पुंगव श्रीसुधासागरज महाराज के चरणों में श्री फल भेंट कर थूबोनजी पधारने का निवेदन किया। इसके पहले यशोदय तीर्थ महरौनी से भगवान महावीर जयंती पर पंच कल्याणक महोत्सव के जन्म कल्याणक का भव्य जुलूस निकाला गया।
तीन तीन उत्सवों की शोभा यात्रा मुनि पुंगव के सान्निध्य में एक साथ निकलीं
दर्शनोंदय तीर्थ थूबोनजी कमेटी के प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने यशोदय तीर्थ महरौनी से लौटकर बताया कि यशोदय तीर्थ महरौनी श्री मद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान के साथ ही जन्म कल्याणक के साथ निकाला गया साथ ही चक्रवर्ती की दिग्गज यात्रा को इसमें समाहित कर महावीर जयंती की शोभा यात्रा एक साथ निकाले जाने से इसमें परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज क्षुल्लक श्री गंभीर सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में प्रतिष्ठा चार्य प्रदीप भइया शुयश के नेतृत्व में भव्य और विशाल शोभायात्रा का शहर भ्रमण किया वाद में यह शोभायात्रा यशोदय तीर्थ पहुंच कर धर्म सभा में वदल गई जहां भगवान जन्माभिषेक के साथ ही कलशाभिषेक व जगत कल्याण की कामना के लिए मुनि पुंगव श्रीसुधासागर जी महाराज के श्री मुख से महा शान्ति धारा हुई।
अच्छे बुरे की पहचान गुणों से होती है
इस दौरान मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों को समझना बहुत सरल है उन्होंने अपनी वात इतने सरल शब्दों में कही है जिसे आसानी से समझा जासकता है। उन्होंने कहाकि लायब्रेरी में बहुत सारी पुस्तकें रखी रहती है एक पुस्तक दस हजार रुपए की है और बहुत सारी पांच,दस रुपए वाली पुस्तकें भरी हुई है सच बताना आपका मन किस पुस्तक को देखने का होगा आप सोचेंगे पांच रुपए की पुस्तक में क्या रखा है जो पुस्तक दस हजार रुपए की है वह विशेष होगी बड़े आदमी सब्जी खरीदने जायेंगे तो महंगी सब्जी खरीद कर खुश होते हैं वे समझते हैं महंगा माल बहुत अच्छा है जवकि सब्जी वाले ने उसी टोकरी से कुछ टमाटर छाटकर अलग रख दिए ये है हमारे मन की स्थिति है हम अच्छे बुरे की पहचान पैसे से करना चाहते हैं गुणो से नहीं अच्छे बुरे की पहचान गुणो से होती है इसके पहले थूवोनजी कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन टिंगू मिल उपाध्यक्ष गिरिश जैन अथाइखेडा महामंत्री विपिन सिंघई पूर्व महामंत्री राकेश कांसल मंत्री विनोद मोदी प्रचार मंत्री विजय धुर्रा आडीटर राजीव चन्देरी पूर्व कोषाध्यक्ष मनोज भैसरवास संरक्षण शैलेन्द्र श्रागर सुनील अखाई राहुल सिघई चेतन जैन लालू जैन सहित अन्य भक्तों ने श्री फल भेंट कर दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी पधारने का निवेदन किया
असीम क़ालीन भक्तामर विधान शुरू कर सकते हैं*
इस दौरान मुनि पुंगव श्रीसुधासागर महाराज ने कहा कि आप लोग सब जगह जातें हैं और उन तीर्थो की अच्छाइयों को आत्मसात कर लेते हैं इतने से काम नहीं चलेगा आपको अपने तीर्थ क्षेत्र पर उसे भालो करना चाहिए प्रया सभी तीर्थों पर आसीम कालीन श्री भक्तामर विधान चल रहे हैं दर्शनोदय तीर्थ थूबोनजी में तो सिर्फ अशोक नगर से ही तीन सौ पैंसठ नाम आ सकतें हैं फिर पिपरई मुंगावली ईसागढ़ शाढ़ौरा सभी जगह समाज भरी पड़ी है एक क्या दो दो विधान प्रति दिन हो सकते हैं सातों मंडल चाहे तो भी कर सकते हैं विधान करने के लिए उत्साह की जरूरत है जो थूवोनजी कमेटी है आप सुरू करे मेरा आशीर्वाद है।
स्वप्न में भी तीर्थ वंदना करने पर पुण्य बंध होगा
स्वप्न देखते ही डर जाते हैं ये क्या हैं आपका अनुभव कह रहा है ज्ञान टंच नहीं करता है आप सपने में सम्मेद शिखर की वंदना कर रहे हैं ना आप सम्मेद शिखर गये नहीं वंदना की फिर भी आपको पुण्य का बंध हो रहा है कोई बड़ी बात नहीं है बस ज्ञान का विषय बना ले ।
उन्होंने कहा कि ज्ञेय की अनुभूति नहीं होती आत्मा जब भी अनुभव है ज्ञेय का अनुभव कर सकती हैं आत्मा का अनुभव नहीं कर सकती तुम खुद अपनी आत्मा का अनुभव कर सकती मुझे आत्मा जानना है तो कैसे जानूं प्रश्न कठिन है मुझे परमात्मा को जानना है ये सरल है आप जान सकते हैं ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
