परमेष्टि की शरण में जाने से आत्मा परमात्मा बन जाती है पुष्पदंत सागर महाराज
भिंड
पूज्य आचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज ने ऋषभ भवन में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि परमेष्टि की शरण में जाने से आत्मा परमात्मा बन जाती है।
उन्होंने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु के गुरुत्व से आत्मा में परमात्मा बनने की शक्ति प्राप्त हो जाती है। जिस तरह हम अपने लिए मंगल कामना करते हैं, ठीक वैसे ही कामना अगर दूसरों के लिए करें तो वही मूल रूप में धर्म की परिभाषा है।
उन्होंने आगे कहा कि जीवन में फोटो के प्रति वात्सल्य वह बड़ों के प्रति आदर होना चाहिए। जीवन विनय से परिपूर्ण हो यही धर्म है।
वात्सल्य मिलन

ऋषभ भवन में आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज एवं पूज्य मुनि श्री विनय सागर महाराज का महामिलन हुआ जो विनय संपन्नता का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा था। अभूतपूर्व क्षण में पूज्य मुनि श्री विनय सागर महाराज ने आचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज की चरण वंदना की और परिक्रमा की परिक्रमा कर विनय भाव से पूज्य आचार्य श्री के चरणो में नमोस्तु निवेदित किया।

इसके उपरांत पूज्य मुनि श्री ने आचार्य श्री से धर्म चर्चा की एवं उनके रत्नत्रय के बारे में पूछा। पलों में मौजूद भक्तों में उत्साह दिख रहा था साथ ही जय जय गुरुदेव का जय घोष सुनाई दे रहा था। और जो तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही थी उसे पूरा प्रवचन पांडाल गूंज रहा था वह अलग ही ध्वनि संचारित कर रहा था।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
