समाज धर्म हमारे जीवन की सुरक्षा करता है-स्वस्तिभूषण माताजी  मुरार में हुआ गुरुमां का भव्य मंगल प्रवेश

धर्म

समाज धर्म हमारे जीवन की सुरक्षा करता है-स्वस्तिभूषण माताजी  मुरार में हुआ गुरुमां का भव्य मंगल प्रवेश

मुरार-ग्वालियर

अनेकता में एकता भारत की विशेषता है । अनेक होते हुए भी एक हैं । समाज की एकता भी जरूरी है । समाज में अनेकता तो है पर एकता नहीं है । समाज में भिन्न भिन्न विचारों के, भिन्न भिन्न सोच के, भिन्न भिन्न रुचि के, भिन्न भिन्न कलाओं के व्यक्ति होते हैं । अलग अलग सोच बालों से ही पूर्णता आती है । जिस प्रकार फूलों के गुलदस्ते में यदि एकही प्रकार के फूल होंगे तो शायद वह इतना अच्छा न लगे, लेकिन यदि उस गुलदस्ते में विभिन्न प्रकार के फूल होंगे तो उसकी सुंदरता में चार चांद लग जायेंगे ।

इसी प्रकार समाज में भी भिन्न भिन्न विचार और सोच के व्यक्ति होते हैं । सभी को अपनी सामर्थ और योग्यतानुसार समताभाव रखते हुए एकजुटता से कार्य करना चाहिए । उक्त विचार पूज्य गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने मुरार मंगल प्रवेश के अवसर पर जैन धर्मशाला में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किये ।

 

 

 

 

मनोज जैन नायक ने बताया की गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का ग्वालियर के उपनगर मुरार में भव्य मंगल प्रवेश हुआ ।

 

स्वस्तिधाम प्रणेत्री, विदुषी लेखिका, भारत गौरव परम पूज्य गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी एवं गणिनी आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी के मुरार में मंगल प्रवेश की भव्य एवं विशाल शोभायात्रा में चारों ओर जनमानस ही जनमानस दिखाई दे रहा था ।

बताया जाता है कि गुरुमां श्री स्वस्तिभूषण माताजी का 13 वर्षों के लम्बे अंतराल के बाद मुरार आगमन हुआ है । चूंकि मुरार नगर में गुरुमां का पूर्व में चातुर्मास हो चुका है, इसी कारण यहां पर गुरुमां के भक्तों की संख्या अधिक है । आर्यिका संघ की अगवानी के लिए नगर के सात नम्बर चौराहे पर बहुतायत संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चे उपस्थित थे ।
नगर के सात नम्बर चौराहे पर समाज बन्धुओं ने पूज्य गुरुमां की अगवानी की । वहां से बैंडबाजों के साथ विशाल एवं भव्य शोभायात्रा प्रारम्भ हुई, जो नगर भृमण करती हुई जैन धर्मशाला पहुचीं । शोभायात्रा में महिलाएं एक विशेष परिधान में गुरुमां की भक्ति करती हुई चल रहीं थीं । पुरुषवर्ग भक्ति गीतों पर नृत्य कर रहे थे । सभी लोग पंच परमेष्ठी की जय जयजयकार करते हुए चलायमान थे ।

 

शोभायात्रा के मध्य
स्थान स्थान पर पूज्य गुरुमां का पाद प्रक्षालनकर आरती की गई । गुरुमां के भव्य मंगल प्रवेश में जैन युवा सेवा मंडल मुरार की प्रमुख भूमिका रही ।

युवा मंडल के सचिन जैन, मनोज जैन, महेंद्र जैन, अभिषेक जैन, आशीष जैन, अर्पित जैन, अंकुश जैन, सौरभ जैन, मुकुल जैन, मोहन जैन, रजत जैन, मनीष जैन, ऋषभ जैन, मानव जैन, अभिषेक जैन लाला के साथ साथ अन्य सभी का सहयोग सराहनीय रहा ।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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