आचार्य मेरूभूषण महाराज की हुई समाधी

धर्म

आचार्य मेरूभूषण महाराज की हुई समाधी

पारसनाथ
एक माह से भी अधिक यम सल्लेखनारत् आचार्य मेरू भूषण महाराज समाधी हुई! जैन दर्शन में मृत्यु को महोत्सव माना गया। पूज्य आचार्य श्री ने समता भाव के साथ अपनी मृत्यु को महा महोत्सव बना दिया।

 

 

 

आचार्य श्री मेरु भूषण जी महाराज को ग्रहस्थ अवस्था मे नेताजी भी कहा जाता था। उनके ग्रहस्थ जीवन का नाम जगदीश था! उन्होंने दोनो ही नाम यथा नाम तथा गुण के साथ सार्थक किए। वे मोक्ष मार्ग के नेता बनने व जगदीश स्वरूप धारण करने की अपनी अगली यात्रा की ओर बलवती हो गए।

श्री मनोज जैन बाकलीवाल आगरा ने उनके विषय में जानकारी को संकलन कर बताया कि उनके पुराने
ग्रहस्थ अवस्था के साथी बताते हैं कि प्रारम्भिक जीवन से ही वह महात्मा गांधी से प्रभावित रहे, और गाधी जी की ही तरह भगवान महावीर के सत्य और अहिंसा के मार्ग को अपनाया! गांधी जी के सत्याग्रह को भी उन्होने अपने जीवन मे भली प्रकार अपनाया! जहां ग्रहस्थ अवस्था मे अपनी सरकारी नौकरी को तक खतरे मे डाल असत्य के खिलाफ अपने अधिकारियो के खिलाफ भी खडे होना पडा तो खडे हुए! लोग कहते भी थे, कि वह बहुत हटाग्रही थे, जो करना होता था वो करके मानते थे!

यह एक ऐसे संत हुए हैं जिन्होंने अपने मुनि जीवन में भी गिरनार बचाओ आन्दोलन व बलिप्रथा का विरोध करने हेतु उन्होने सत्याग्रह का मार्ग अपनाते हुये एक लम्बे अनशन पर बैठ उस समय की सरकारो से अपनी बात मनवाली थी! आज भी जब अन्तिम समय आया तो उन्होने म्रत्यु तक को चैलेंज कर यम सल्लेखनाधारण कर ली और अंतत: 34 वें दिन म्रत्यु को आना ही पडा!

 

उनको जीवन भर अपने आगे होने वाली घटनाओं का आभास हो जाता था, ग्रहस्थ अवस्था मे जब उन्हे देखकर कोई कह भी नही सकता था कि वह मुनी दीक्षा लेंगे, तभी ही उन्होने अपनी आगामी मुनी दीक्षा की घोषणा कर दी थी, और सबने देखा कि उन्होने दीक्षा ली! उन्हे अपनी समाधी का भी पूर्व आभास था और उन्होने 2-3 वर्ष पहले ही 2023 की फरबरी, मार्च की घोषणा करदी थी, जो कि सत्य गयी, 12 फरबरी को उन्होने यम सल्लेखना ले ली थी और आज 17 मार्च को उनकी निर्विकल्प समाधी सम्पन्न हुई!
पूज्य गुरुदेव आचार्य मेरूभूषण महाराज को शत शत वन्दन!

मनोज कुमार जैन बांकलीवाल, आगरा से प्राप्त जानकारी

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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