पूज्य मुनि श्री योगसागर महाराज सानिध्य में बीनाजी बारहा के वार्षिक मेले का हुआ शुभारंभ मैं भाग्यशाली हूं कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के साथ सागर से सुरखी और राहतगढ़ तक पैदल चलने का अवसर प्राप्त हुआ गोविंद सिंह राजपूत

धर्म

पूज्य मुनि श्री योगसागर महाराज सानिध्य में बीनाजी बारहा के वार्षिक मेले का हुआ शुभारंभ मैं भाग्यशाली हूं कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के साथ सागर से सुरखी और राहतगढ़ तक पैदल चलने का अवसर प्राप्त हुआ गोविंद सिंह राजपूत
बीनाजी बारहा
दिगंबर जैन अतिशयक्षेत्र बीनाजी बारहा में प्रतिवर्ष लगने वाले तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 योग सागर महाराज संघ सानिध्य में हुआ। तीन दिवसीय मेले में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होगे जिसमें आसपास के और दूर दराज के भक्त शामिल होंगे।

 

 

इस मेले के उद्घाटन में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सागर विधायक शैलेंद्र जैन, क्षेत्रीय विधायक बृज बिहारी पटेरिया के कमलों से ध्वजारोहण किया और मेले का शुभारंभ किया गया। इन सभी अतिथियों ने पूज्य मुनि श्री संघ का मंगल आशीर्वाद भी प्राप्त किया। 

पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 योग सागर जी महाराज का मंगल आशीर्वाद लेते हुए कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत
मेले का शुभारंभ ध्वजारोहण करके करते हुए कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सागर विधायक शैलेंद्र जैन एवं अन्य जैन

 

आयोजन के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने क्षेत्र की तारीफ करते हुए कहा कि धर्म और आस्था के इस केंद्र में अटूट आकर्षण है, आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की प्रेरणा से देश के महानगरों एवं ग्रामों में जनकल्याणार्थ कई प्रकल्पों का शुभारंभ हुआ। उन्होंने अपने आप को भाग्यशाली मानते हुए कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे आचार्य श्री के साथ सागर से सुरखी और राहतगढ़ तक पैदल चलने का अवसर प्राप्त हुआ। कई सुखद अवसर पर मैंने उनका आशीर्वाद और सानिध्य प्राप्त किया। उन्होंने सागर में संचालित भाग्योदय तीर्थ, शांति धारा सहित अन्य प्रकल्पों की प्रशंसा करते हुए सच्ची मानव सेवा का प्रतिमान निरूपित किया।

हाथ जोड़कर नमन करते हुए कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत विधायक सागर शैलेंद्र जैन एवं अन्य गणमान्य
भगवान के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन करते हुए कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सागर विधायक शैलेंद्र जैन आदि जन
निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 योग सागर जी महाराज को नमोस्तु निवेदित कर आशीर्वाद लेते हुए कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

 

योग सागर महाराज ने क्षेत्र से जुड़े हुए आचार्य श्री के संस्मरण को सुनाया
इस अवसर पर निर्यापक श्रमण पूज्य मुनि श्री 108 योग सागर महाराज ने आचार्य श्री के क्षेत्र से जुड़े संस्मरण को सुनाते हुए कहा कि कई वर्षों पूर्व बीनाजी आने का मार्ग भी नहीं था। सन 1978 में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का इस धरा पर प्रथम बार आगमन हुआ और मैं भी संघ के साथ यहां पर आया। इसके बाद इस क्षेत्र पर द्वितीय पंचकल्याणक हुआ। आचार्य श्री के बड़े प्रकल्प इसी परिकल्पना और चिंतन का परिणाम है। शांतिधारा, हथकरघा और भाग्योदय चिकित्सालय उसी मानव सेवा और जनकल्याणकारी सोच का प्रतिफल है।

पूज्य मुनि श्री ने कहा कि किस प्रकार एक शिष्य को सदमार्ग दिखाने वाले ज्ञानवान गुरु की खोज रहती है। उसी प्रकार एक गुरु भी अपनी एक श्रेष्ठ शिष्य का चयन करता है, जिसके माध्यम से वह अपने जीवन पर्यंत तप और ज्ञान को संचित कर सके और उसकी सर्व कल्याणकारी सोच का व्यापक विस्तार हो।

 

 

आचार्य ज्ञान सागर महाराज ने आचार्य विद्यासागर महाराज का चयन किया और उन्हें मुनि दीक्षा दिलाई। जिन्होंने अपने गुरु के ज्ञान और आदर्शों को भौगोलिक सीमाओं के पार संसार के

कोने-कोने तक फैलाया। बीना क्षेत्र की ख्याति आचार्य श्री के आशीर्वाद से विदेशों तक पहुंची है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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