महिला दिवस पर भाव भीनी अभिव्यक्ति 

काव्य रचना

महिला दिवस पर भाव भीनी अभिव्यक्ति

जो बनकर आयी ज्योति
वह है महिला शक्ति
कभी बनकर दुर्गा शक्ति
कभी बनकर सरस्वती
कभी बनकर मा शक्ति
है यह महिला शक्ति
महिला शक्ति क्या नही कर सकती महिला शक्ति किसी
कार्य में अछूती नहीं अपने साहस सम्बल से अंतरिक्ष भेद
कर अब वायुयान तक उड़ाने लगी है।

 

 

 

सीता सावित्री दमयन्ती झांसी की रानी
लक्ष्मीबाई।

 

 

 

 

 

 

 

 

जैसी वीरांगनाओं के त्याग समर्पण को हम नमन करे
हर क्षण जो मुस्कराती
कष्ट सहकर भी धैर्य धारण करती
है यह साहस संबल की प्रतिमूर्ति
नमन है महिला शक्ति
महिला दिवस की अनन्त शुभकामना
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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