रामगंज मंडी के इतिहास की अब तक की विशाल यात्रा रही खाटू श्याम बाबा की निशान यात्राहेलीकॉप्टर से पुष्पवृष्टि आकर्षण का केंद्र बिंदु रही

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रामगंज मंडी के इतिहास की अब तक की विशाल यात्रा रही खाटू श्याम बाबा की निशान यात्राहेलीकॉप्टर से पुष्पवृष्टि आकर्षण का केंद्र बिंदु रही
रामगंजमंडी
शुक्रवार का पावन दिन रामगंजमंडी नगर के लिए एक ऐतिहासिक दिन हो गया जिधर देखो उधर ही उधर बाबा श्याम के जय कारे गूंज रहे थे।पंचमुखी से प्रारंभ हुई खाटू श्याम बाबा की यह निशान यात्रा एक कीर्तिमान स्थापित कर गई । यह निशान यात्रा कौमी एकता का एक पर्याय बन कर सभी के समक्ष परिलक्षित हुई। मानो लग रहा था रामगंजमंडी नगर का हर जन इसमें अपनी सहभागिता प्रदान कर रहा हो।

 

 

 

 

 

 

 

इस आयोजन ने कीर्तिमान स्थापित किया रामगंजमंडी नगर की अब तक की सबसे विशाल धार्मिक यात्रा में से यह एक हो गई।

इस यात्रा का जगह जगह स्वागत हुआ यूं कहा जाए तो लगभग 101 जगह पर इस यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा में मौजूद भक्त बस भक्ति में झूमते गाते नजर आ रहे थे।

 

 

 

 

भक्ति में इतने मग्न थे कि उन्हें लग रहा था कि आज हमें साक्षात खाटू श्याम बाबा दर्शन देने आ गए हो। जगह जगह पुष्पवृष्टि भी रही। इस यात्रा मैं इतना हजुम था की अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है कि कि कारवां कितना बड़ा होगा। शुरू हुई यह यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ती चली गई भक्तों का जुड़ना चलता रहा जानकारों की माने तो रामगंज मंडी में इतनी बड़ी धार्मिक यात्रा अब तक देखने को नहीं मिली इसकी भव्यता इसका आकर्षण सचमुच अपने आप में इसकी भव्यता की कहानी कह रहा था। लगभग 9:00 बजे शुरू हुई यह यात्रा लगभग 3:00 बजे तक चली। यूं कहें तो 6 घंटे से से भी अधिक की यह यात्रा नगर में भ्रमण करती रही लेकिन भीषण गर्मी में भी उत्साह में कोई कमी नजर आई।

 

इस यात्रा में जब हेलीकॉप्टर के द्वारा पुष्प वृष्टि की गई तो तो इसका आकर्षण और बढ़ता चला गया। यात्रा भी हुई हेलीकॉप्टर के द्वारा पुष्प कई मकानों की छतों पर भी पर भी गिरे जिसे सभी ने बाबा श्याम का आशीष माना। कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी इसमें अपनी सहभागिता देते हुए इस आयोजन की भव्यता को चरम शिखर पर ला दिया। इस यात्रा में रामगंजमंडी नगर को गौरवान्वित करने वाली गौरांशी शर्मा ने भी अपनी सहभागिता प्रदान की वह बाबा श्याम की पूजा अर्चना की। गोरांशी खाटू श्याम बाबा की विशेष भक्तों में एक है वह अपना श्रेय बाबा श्याम को देती हैं। नगर में जब यह यात्रा निकली तो वातावरण सकारात्मक ऊर्जा का प्रस्फुटन कर गई। यह यात्रा रामगंजमंडी नगर के इतिहास में सदा अविस्मरणीय रहेगी। इसका कारवां देखकर हर कोई अंदाजा लगा सकता है कि इसकी भव्यता इसकी विशालता कितनी अधिक होगी। मानो लगा आज रामगंजमंडी थम सी गई हो। और सभी बाबा श्याम की मस्ती में मगन हो कोई भी अपने आप को इस यात्रा में झूमने से अपने आप को नहीं रोक पाया।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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