आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के बढ़ चले कदम अमरकंटक की ओर

धर्म

आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के बढ़ चले कदम अमरकंटक की ओर

डोंगरगढ़

पावन पुनीत तीर्थ चंद्र गिरी तीर्थ से गुरुदेव ने आज अपने कदम बिना किसी सूचना के बढ़ा दिए अब संभावनाएं जताई जा रही हैं कि पूज्य गुरुदेव सर्वोदय तीर्थ अमरकंटक की ओर अपने कदम बढ़ा रहे हैं। यह वह पावन तीर्थ है जिसे नर्मदा का उद्गम स्थल माना जाता है और विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है साथी इस तीर्थ का नाम पूज्य गुरुदेव ने सर्वोदय तीर्थ के नाम से एक भव्य जिनालय बना दिया है जो विश्व की अनुपम कृति के रूप में है यहां पर यहाँ भगवान् श्री आदिनाथ की अष्टधातु की मूर्ति जिसका वजन 24टन और ऊंचाई 10 फ़ीट की हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इसकी खास बात
मंदिर का निर्माण अक्षरधाम की कलर के अनुरूप हैं। साथ सीमेंट और लोहे का कोई उपयोग नहीं होना हैं। यह इसकी विशेषता को दर्शाता है मंदिर परिसर का 4 एकड़ की भूमि में फैला हैं। मंदिर के शिखर की ऊँचा144 फ़ीट, लम्बाई 4 24 फ़ीट और चौड़ाई 11 फ़ीट में निर्मित हैं।

अमरकंटक आने के मार्ग
हवाई जहाज – अमरकंटक के निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर में है, जो लगभग 245 किलोमीटर है।

रेल द्वारा–यहां पर रेलवे द्वारा भी पहुंचा जा सकता है इसका निकटतम रेलवे स्टेशन पेंड्रा रोड है। यहां से अमरकंटक की दूरी35 किलोमीटर है।

 


सुविधा के दृष्टिकोण से अनूपपुर रेलवे स्‍टेशन अधिक बेहतर माना जाता है जहां से अमरकंटक 72 किलोमीटर पर है।

सड़क द्वारा–

अमरकंटक जैसा स्थान मध्‍य प्रदेश और निकटवर्ती शहरों से सड़क मार्ग से लगा हुआ है जु हुआ है। पेंड्रा रोड, बिलासपुर और शहडोल से यहां के लिए नियमित बसों की व्‍यवस्‍था है।इस तीर्थ पर गुरुदेव के आगमन की संभावनाओं को देखते हुए इस क्षेत्र के कायाकल्प होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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