धर्मतीर्थ केवलज्ञान कल्याणक में श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध उत्साह के साथ नवग्रह की मूर्तियों का हुआ लोकार्पण

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धर्मतीर्थ केवलज्ञान कल्याणक में श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध उत्साह के साथ नवग्रह की मूर्तियों का हुआ लोकार्पण

कचनेर
पंचकल्याणक महोत्सव में केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव समस्त आचार्य संघ की मौजूदगी में उत्साह से संपन्न हुआ इस आयोजन में नवग्रह की प्रतिमाओं का लोकार्पण भी किया गया साथ ही भगवान जिनेंद्र की अभूतपूर्व शोभायात्रा निकाली गई इसमें श्रद्धालु झूमते हुए और भक्ति में मंत्रमुग्ध दिखाई दिए।

 

 

 

 

 

 

दोपहर की बेला में हवन केवल ज्ञान का अभिषेक किया गया इसके साथ ही प्रतिमाओ को सूर्य मंत्र आचार्य श्री देवनंदी महाराज, आचार्य श्री गुप्ति नंदी महाराज, एवं अन्य मुनि राजाओं द्वारा दिया गया। इस अवसर पर समवसरण मैं भगवान की दिव्यधनी बिखरी आचार्य भगवंत द्वारा भक्तों को दिव्य देशना प्रदान की गई। इस आयोजन का कुशल संचालन पंडित प्रदीप कुमार जैन मधुर एवं उनके सहयोगी विधि विधान से संपन्न करा रहे हैं। पंचकल्याणक महोत्सव में आए गणमान्य अतिथियों का स्वागत पंचकल्याणक समिति द्वारा किया गया।

 

समस्त आयोजन में बड़ी संख्या में महिला पुरुषों ने भाग लिया शाम को भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति भी दी गई। वही संगीत सम्राट रुपेश जैन अपने मधुर भक्ति गीत भजनों की प्रस्तुति दी। जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। भक्ति में झूमते गाते नजर आए। इस आयोजन में एक शाम तीर्थंकर के नाम की अभूतपूर्व प्रस्तुति भी दी गई। जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बिंदु बनी।

 

भगवान के मोक्षकल्याण के साथ पंचकल्याणक महोत्सव का होगा समापन

 

16 फरवरी से शुरू हुए पंचकल्याणक महोत्सव का समापन शुक्रवार की बेला में मोक्ष कल्याणक की क्रियाएं के उपरांत पंचकल्याणक महोत्सव का समापन होगा जिसमें नित्य नियम पूजन, अभिषेक, हवन, एवं मौजूद साधु संतों के मंगल उद्बोधन भी होंगे। इस आयोजन के क्रम में प्रातः की बेला में मुनि श्री सुयशगुप्तजी महाराज एवं मुनि श्री चंद्रगुप्तजी महाराज का आचार्य पदस्थापना समारोह होगा। इस आयोजन संपन्नता के बाद 25 फरवरी से 7 मार्च तक 11 दिनों तक महा मस्तकाभिषेक संपन्न होगा।

इस महा महोत्सव के अभूतपूर्व क्षण

यह पंचकल्याणक महोत्सव आचार्य भगवंत अनेक साधु-संतों की मौजूदगी से भव्यता की ओर बढ़ गया। वही पिछले दो-तीन दिनों से ही भक्तों की संख्या बढ़ती गई। विभिन्न राज्यों से आए भक्तों की संख्या की एकता देते हुए बनी। महिलाओं के भक्ति नृत्य, गुब्बारे, अन्य भव्यतम प्रस्तुति ने इस आयोजन को एक नया आयाम दे दिया। वही इस आयोजन में युवा शक्ति द्वारा जो सेवा समर्पण से कार्य किया उसकी जितनी सराहना प्रशंसा की जाए वह कम दिखाई पड़ती है। आयोजन में रविवार एवं मंगलवार को भक्तों का अपार हजूम था। इसके साथ ही मधुर मधुर भजनों की धुन से मधुर वातावरण बना हुआ था। इस आयोजन की आवास व्यवस्था पर हम नजर डालें तो धनवंत सेवा ट्रस्ट कचनेर की धर्मशाला में जो व्यवस्था की उसके सभी ने भरी भरी सराहना की।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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