जगत पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री सुधासागर महाराज के चरणों में बार-बार नतमस्तक हो रहे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भावपूर्ण भजन से श्रद्धालुओं की आंखें हुईं नम
गुरुचरणों में समर्पण, सेवा और श्रद्धा का अनुपम संगम; गुरुदेव से प्राप्त किया मंगल आशीर्वाद
इंदौर
“जिनकी एक पुकार पर जन-जन श्रद्धा से झुक जाता है, जिनके वचनों में समाज और राष्ट्र के कल्याण की प्रेरणा समाहित है, ऐसे युगपुरुष संतों का सान्निध्य जीवन का परम सौभाग्य माना जाता है।”
जगत पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री सुधासागर महाराज के इंदौर आगमन के बाद श्रद्धालुओं का गुरुचरणों में उमड़ता सैलाब निरंतर बढ़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी लगातार गुरुचरणों में उपस्थित होकर अपनी गहरी श्रद्धा एवं समर्पण भावना व्यक्त कर रहे हैं।
मंत्री विजयवर्गीय इंदौर आगमन के बाद कुछ ही दिनों में दो से तीन बार गुरुदेव के दर्शनार्थ पहुंच चुके हैं। प्रत्येक अवसर पर उन्होंने विनम्रतापूर्वक गुरुदेव के चरणों में नमन कर उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धर्मकार्य, प्रशासनिक सहयोग एवं आवश्यक सेवाओं के लिए अपनी तत्परता भी व्यक्त की।

इस अवसर का सबसे भावुक क्षण तब आया जब उपस्थित श्रद्धालुओं के आग्रह पर मंत्री विजयवर्गीय ने अपनी मधुर वाणी में प्रसिद्ध भजन “तू कितनी अच्छी है, तू कितनी प्यारी है, ओ मां…” प्रस्तुत किया। भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा पांडाल भाव-विभोर हो उठा। गुरुदेव ने भी स्नेहपूर्वक उन्हें अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का गुरुदेव के प्रति यह श्रद्धाभाव नया नहीं है। इंदौर आगमन से पूर्व भी वे गुरुदेव के साथ पैदल विहार में सम्मिलित हुए थे तथा विनम्रतापूर्वक इंदौर पधारने का निवेदन किया था। आज वही श्रद्धा गुरुचरणों में उनके बार-बार उपस्थित होने के रूप में दिखाई दे रही है।
धर्म और समाज के प्रति समर्पित जनप्रतिनिधियों का संतों के प्रति यह विनम्र भाव भारतीय संस्कृति की उस परंपरा को सशक्त करता है, जिसमें सत्ता नहीं, बल्कि संतत्व सर्वोच्च माना गया है। इंदौर की धर्मनगरी में इन दिनों गुरुदेव सुधासागर महाराज के सान्निध्य में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम वातावरण निर्मित हो रहा है।
— अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी
मो. 99297 47312

