धर्म तीर्थ पंचकल्याणक महोत्सव में राज्याभिषेक दिग्विजय यात्रा में भक्त भाव विभोर बनी आकर्षक रंगोली आकर्षण का केंद्र बिंदु
कचनेर
धर्म तीर्थ पंचकल्याणक की बेला में बुधवार को युवराज का राज दरबार हस्तिनापुर के शाही दरबार में हुआ जिसमें युवराज शांतिनाथ का राज तिलक समारोह एवं दिग्विजय यात्रा निकाली गई। जिसमें मौजूद हर भक्त भाव विभोर था और से मौजूद सभी श्रद्धालु भावुकता से भरा हुआ था। इस आयोजन में आसपास के स्कूलों के बच्चों को आमंत्रित किया जाता है और हर दिन उन्हें भोजन भी कराया जाता है। गेवराई बुदुक जिला परिषद स्कूल के बच्चों ने इतने हैं भोज किया। जब इन बच्चों को देखा तो इनके चेहरे खिले हुए थे और वह उन्होंने भी पावन तीर्थ का अवलोकन किया और देख उनका मन अभिभूत नजर आया।महा महोत्सव में 8000 वर्ग फीट में आकर्षक रंगोली का निर्माण किया गया जो सभी का मन मोह रही थी शादी इस रंगोली में सभी का ध्यान अपनी और किया जो आकर्षण का केंद्र बिंदु बनी रही।
आयोजन में बुधवार को दीक्षा कल्याणक समारोह अभूतपूर्व उत्साह के साथ संपन्न हुआ इसमें क्रियाविधि संपन्न की गई जिसमें भाग्योदय संस्कार किया गया। दोपहर के बेला में राज दरबार लगाया गया जिसमें युवराज के राज्याभिषेक के बाद 32 मुकुट बाद राजा सम्मिलित रहे। इसे राज दरबार में अनुपम नृत्य की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। युवराज ने राजनीति एवम संचालन कैसे किया जाता है इसका उपदेश सभी को दिया। इस आयोजन में शाम को संगीत में श्री शांतिनाथ कथा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सभी भक्तों मंत्रमुग्ध नजर आए। प्रतिदिन की भांति आयोजन में अभिषेक,शांतिधारा,नित्य नियम पूजन एवं मंगल प्रवचन हुए। आयोजन में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत पंचकल्याणक समिति द्वारा किया गया।

गुरुवार की बेला में केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा

गुरुवार की बेला में केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा एवं केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव की क्रियाएं संपन्न होगी इन क्रियाओं में केवल ज्ञान अभिषेक, समवशरण लोकार्पण भगवान की दिव्यध्वनि आदि की क्रियाएं संपन्न होंगी। संध्या की बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे जिसमें युवा भजन सम्राट रूपेश जैन एवं उनके सहयोगी कलाकार अपने अनुपम भजनों की प्रस्तुति देंगे।

8000 वर्ग फीट की बनी आकर्षक रंगोली आकर्षण का केंद्र

बिंदु रही इस रंगोली को मुख्य मंडल के समीप 100 फीट लंबा और 80 फुट चौड़ा बनाया गया है जिसमें आचार्य श्री गुप्ति नंदी महाराज श्री का अनुपम चित्रण दर्शाया गया है जिसको देख हर कोई हर्षित है। इसकी भव्यता सभी के लिए आकर्षण बनी हुई है। इस रंगोली का निर्माण औरंगाबाद के जाने-माने कलाकार महेंद्र खाजेकर, उनके बेटे अनिकेत, बेटी सांची, उनकी पत्नी सुनीता और सहयोगी गणेश और नवल राठौर के के सहयोग से 15 घंटे में यह रिकॉर्ड कायम किया गया है। यदि इस रंगोली के विषय में जाने तो इसमें 35 किलो अलग-अलग रंगों को इस्तेमाल किया गया है। इससे पहले इस टीम ने 2014 में वेरुल में 13000 वर्ग फीट की रंगोली बनाकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया था उस रंगोली की ऊंचाई से देखने के लिए विशेष प्रबंध किया गया था।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
