अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी के मूलनायक भगवान के प्रकट स्थल पर अव्यवस्थित मूर्तियों के संरक्षण के बाद दिखने लगा वास्तविक स्वरूप

धर्म

अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी के मूलनायक भगवान के प्रकट स्थल पर अव्यवस्थित मूर्तियों के संरक्षण के बाद दिखने लगा वास्तविक स्वरूप
शेरगढ़
हाडोती में स्थित चंद्रोदय तीर्थ चांदखेड़ी के नजदीक स्थित अत्यधिक प्राचीन एवं रमणीय स्थल शेरगढ़ यह वह प्राचीन स्थल है जहां पर से चंद्रोदय तीर्थ चांदखेड़ी में विराजित अतिशयकारी आदिनाथ भगवान की प्रतिमा का प्रकट स्थल है।

आपको बता दें यह क्षेत्र शेरगढ़ जहां पर काफी प्राचीन प्रतिमाये स्थित हैं जो जैन धर्म की प्राचीनता का प्रमाण देती है । पहाड़ी पर उकेरी हुई प्रतिमाये बहुत ही अतिशयकारी है, लेकिन काफी समय से यह क्षेत्र काफी अव्यवस्थित था । बाद में चंद्रोदय तीर्थ क्षेत्र कमेटी ने इस और अपना ध्यान दिया और उसके बाद वहां की प्रतिमाये पहले धूल मिट्टी की वजह से पूर्ण रूपेण प्रतीत नहीं हो रही थी लेकिन बाद में जब इसका मार्जन एवं संरक्षण किया गया तब यह प्रतिमाएं रमणीक लगी है। चंद्रोदय तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष श्री हुकम जैन काका बताते हैं कि हमने इसका संरक्षण किया उसके बाद इसका मार्जन किया और तब हमने देखा तो इन प्रतिमाओं में काफी ऊर्जा है। अब यह प्रतिमाएं ऐसी लगती हैं कि जैसे मुख से बोलती हो। और सजीव चित्रण प्रस्तुत कर रही हो। जैसी यहां की प्रतिमाएं हैं ऐसी प्रतिमाएं बहुत ही कम जगह देखने को प्रतीत होती हैं। प्राप्त छायाचित्र यह दर्शाता है कि इसका संरक्षण करने की पूर्व यह प्रतिमाएं किस तरह लगती थी और आज यह प्रतिमाएं कितनी सुरम्य और अलौकिक लग रही है इसको देखने से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह प्रतिमाएं कितनी अतिशयकारी होगी सभी को एक बार इस पावन क्षेत्र के दर्शन जरुर करना चाहिए जहां से हमारे दिव्य अलौकिक आदिनाथ बाबा चांदखेड़ी वाले बाबा प्रकट हुए हैं।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट

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