आचार्य श्री कुंथुसागर महाराज द्वारा आचार्य श्री 108 गुप्तिनंदी गुरुदेव को प्रवर्तक की उपाधि से अलंकृत किया

धर्म

आचार्य श्री कुंथुसागर महाराज द्वारा आचार्य श्री 108 गुप्तिनंदी गुरुदेव को प्रवर्तक की उपाधि से अलंकृत किया
कचनेर
धर्मतीर्थ हो रहे भव्य पंचकल्याणक महा महोत्सव की बेला में समस्त आचार्य एवं आर्यिका माताजी त्यागी व्रतियों की उपस्थित भक्तों के समूह के बीच प्रवर्तक उपाधि से आचार्य श्री 108 गुप्तिनंदी महाराज को अलंकृत किया गया। यह उपाधि उन्हें आचार्य श्री कुंथुसागर महाराज ने प्रदान की है।

         

 

 

 

 

उनकी ओर से यह उपाधि समस्त साधु-संतों एवं उनके और से भेजे गए समूह द्वारा प्रदान की गई जब यह उपाधि प्रदान की गई तब सारा पंडाल जय जयकारों की गूंज से गूंज रहा था। इस उपाधि पत्र में पूज्य गुरुदेव ने लिखा कि

 

 

 

आचार्य श्री गुप्तिनंदिजी

सधर्मवृद्धिरस्तु- समाधिरस्तु

धर्मप्राण, नवचेतना के जागृत करने वाले अनेको ग्रंथों के रचयिता, टीकाकार, आगम वेत्ता,आर्ष मार्ग संरक्षक, जन जीवन के निर्माता, धर्मतीर्थ प्रणेता, मम परम प्रभावी शिष्य 108 आचार्य श्री गुप्तीनंदिजी को धर्मतीर्थ अतिशय क्षेत्र के पंचकल्याणक महोत्सव के पावन अवसर पर आपके बहु आयामी व्यक्तीत्व एवं कर्तृत्व के साथश्रद्धा और समर्पण को देखते हुए आपको॥ प्रवर्तक ॥उपाधि से अलंकृत करते हुए मुझे अत्यंत आनन्दानुभूति हो रही है।

 

आप निरंतर आत्मसाधना के साथ धर्म की प्रभावना को उत्तरोतर वृद्धिगंत करते रहे।
आशीर्वाद

दि. 22 फरवरी २०२3
ठिकाण: औरंगाबाद

जगद्गुरु गणाधिपती गणधराचार्य कुंथुसागरजी महाराजश्री गणाधिपती गणधराचार्य कुंथुसागर विद्याशोध संस्थान,सभी ट्रस्ट

संकलित जानकारी अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

 

 

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