गणिनी आर्यिका 105 विशुद्ध मति माताजी का 55 वा दीक्षा दिवस भक्ति भाव से मनाया गया
मलयागिरी
परम पूज्या भारत गौरव, सिद्धांत रत्न त्रिलोक कल्याणी जगत पूज्या ग्वालियर तिलक गणिनी आर्यिका 105 विशुद्ध मति माताजी का सम्मेद शिखर तीर्थ की ओर मंगल बिहार के मध्य माता जी का 55 वा दीक्षा दिवस मनाया गया इस अभूतपूर्व बेला मौजूद भक्तों एवं समस्त आर्यिका संघ की उपस्थिति में सर्वप्रथम गुरुमा चरणों का पद प्रक्षालन किया गया। एवं भक्ति भाव के साथ पूज्य गुरु मां का अष्ठ द्रव्यों से गुरु मां का पूजन किया गया। समस्त आयोजन का का संचालन पट्ट गणिनी प्रज्ञा पद्मिनी आर्यिका 105 विज्ञमति माताजी द्वारा किया गया।इस अवसर पर माताजी के प्रति समस्त माताजी की ओर से आर्यिका 105 विज्ञमति माताजी ने अपने भाव प्रकट करते हुए विनयांजली प्रकट की।
इसके साथ ही दूरदराज से भी अपने शब्द रूप भाव सोशल मीडिया के माध्यम से समस्त भारतवर्ष वह विदेशों से गुरु मां के प्रति अपने भाव प्रकट किए।

गुरु मां के चरणो में भाव भीनी अभिव्यक्ति
आया हैये पावन दिन भक्ति की और
दीक्षा जयंती पर भक्तो का है शोर
गुरु माँ विशुद्ब मति है ये सबकी है प्राण
इनके ही हाथों में है सबकी जीवन डोर
आया है पावन दिन भक्ति की और दीक्षा जयन्ती पर भक्तों का है शोर
इनकी कथनी करनी में कुछ अंतर भेद नहीं
भक्तो यही तो गौरव है जैन जगत की शान

इनके ही दर्शन से नाच उठा मन मोर
आया है ये पावन दिन भक्ति की और
दीक्षा जयंती पर भक्तो का है शोर

अपनी आत्म साधना को ये बढ़ा रही ये भरपूर
जिनवाणी का ज्ञान बहता इनमे भरपूर
पापो से डरती है आगम से चलती है
गणिनी गुरु माँ जैसा दुनिया मे कोई नही
अंतर का इकतारा हरदम गाता है
अब न हो जाए मंज़िल मेरी दूर
आया है ये पावन दिन भक्ति की और
दीक्षा जयंती पर भक्तों का है शोर
शत शत वन्दामि अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमण्डी
