बिना खंभों के 9000 वर्ग फुट में बना धर्मतीर्थ मंदिर
कचनेर
पावन अतिशय क्षेत्र कचनेर के निकट बिना खंभों से 9000 वर्ग फीट फैला जैन मंदिर जिसका निर्माण प्रेरणा, मार्गदर्शन पूज्य आचार्य श्री गुप्तिनंदी महाराज के द्वारा हुआ है।

वही मंदिर निर्मित होने के बाद इसका पंचकल्याणक महोत्सव का आगाज पूज्य आचार्य प्रवर देवनंदी महाराज के आगमन एवं मंदिर के प्रेरणादायक गुरुदेव गुप्तिनंदी गुरुदेव व अन्य संतों के पावन सानिध्य में प्रारंभ हो गया अनेक भक्तों की मौजूदगी से यहां का माहौल भक्ति में नजर आ रहा था।
वही गुरुवार की बेला में दो गुरु भाइयों के मिलन ने एक नया इतिहास को जन्म दे दिया। हर कोई यह कह रहा था कि गुरुवार को गुरु भाइयों का मिलन हुआ।

यदि इस क्षेत्र के विवरण के बारे में जाने तो यह जैन मंदिर बहुत ही अभूतपूर्व है जिसे देख मन गदगद इस मंदिर के निर्माण में लगभग 5 करोड रुपए की लागत आई है। इस पंचकल्याणक महोत्सव में लगभग 312 इंद्र इंद्राणी सम्मिलित हैं।
बिना खंभों का यह निर्मित मंदिर सभी को अपनी और आकर्षित कर रहा है। जो भी व्यक्ति इस पंचकल्याणक महोत्सव में पहुंचा वह जिनमंदिर को
देखा तो वह देख प्रफुल्लित हो गया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
