मुझे गर्व है कि यह मेरे शिष्य मैं इनका गुरु हु पुष्पदंत सागर महाराज
अपने शिष्य प्रसन्न सागर महाराज की साधना के विषय में कहा
पुष्पगिरी
पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज ने अपने शिष्य अंतरमना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज की उत्कृष्ट तप साधना की अनुमोदना करते हुए एक पत्र अपने शिष्य प्रसन्न सागर महाराज को भेजा इस पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा है कि प्रसन्न सागर महाराज साधना के शिखर पुरुष संत हैं। मुझे गर्व है कि यह मेरे शिष्य हैं, और मैं इनका गुरु हूं।
उन्होंने कहा कि सम्मेद शिखर तीर्थ पर सिंहनिष्कंडित महा साधना सोने पर सुहागा जैसा है। वर्तमान युग में मोन उपवास साधना निश्चित ही आत्म शुद्धि के साथ देश की शुद्धता समरसता में भी कारगर होगी। पूज्य गुरुदेव पुष्पदंत सागर महाराज ने अपने शिष्य की पत्र के माध्यम से सराहना की।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
