अपनी अनुजा गुरु बहन की अगवानी करने पहुंची स्वस्ति भूषण माताजी
मुरैना
रविवार की बेला एक इतिहास को जन्म दे गई जो अतुल्य वात्सल्य का एक अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत कर गई। यह क्षण था अनेक संतों के आगमन का ज्ञान तीर्थ मुरैना का यहां फरवरी माह में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव होने जा रहा है।
रविवार की बेला में इन्हीं बेला में एक अतुल्य वात्सलय परिलक्षित हुआ जब अपनी अनुजा गुरु बहन आर्यिका आर्षमति को लेने आई गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी एक वात्सल्य का उदाहरण


प्रस्तुत हुआ। साथ ही माताजी ने गुरु चरणों में वंदन किया वह समस्त ज्येष्ठ गुरु माताओं के चरणों में भाव भीना नमन किया। यह क्षण विनय संपन्नता का भी अभूतपूर्व उदाहरण दे रहा था।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
