आज सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर आया है उसी तरह हमारे जीवन में नकारात्मकता से सकारात्मकता बढ़े प्रमाण सागर महाराज
पारसनाथ
सम्मेद शिखर तीर्थ की तरह डी पर स्थित गुणायतन परिसर में पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने मकर सक्रांति के पावन पर्व पर अपना उद्बोधन प्रदान करते हुए कहां की बड़े भाग्यशाली होते हैं
वह महान पुण्य होता है कि आप यहां आकर वंदना कर रहे हैं और विधान कर रहे हैं। आप बड़भागी है जो
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सिद्धों की भूमि पर एकत्रित हुए हैं किसी तीर्थ क्षेत्र पर विधान करना वह किसी अन्य क्षेत्र पर विधान करना वह किसी सिद्ध क्षेत्र पर विधान करना बहुत बड़ा फर्क होता है साधारण स्थल पर विधान करना, शाश्वत तीर्थ पर विधान करना बहुत बड़ा प्रभाव होता है। सिद्ध क्षेत्र का विधान करना आप सभी के परम पुण्य का योग है।
पूज्य मुनि श्री ने मकर सक्रांति के पर्व पर कहा कि आज सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर आ गया है उसी तरह आपके जीवन में भी नकारात्मकता को छोड़ सकारात्मकता बढ़ती जाए तभी अंतर बोध होगा शुभ योग मिले। पूज्य मुनि श्री ने कहा कि श्रद्धा बड़ी होना चाहिए श्रद्धा नहीं है तो हम भटकते रहेंगे। ह्रदय में श्रद्धा का भाव रहे। आपके अंदर श्रद्धा का भाव था आप पर्वत पर चढ़ गए। इसलिए श्रद्धा को जागृत करें। जब तक हम धर्मयातनो पर दान आदि उनकी सुरक्षा नहीं करेंगे कब तक पूजा धर्म ध्यान नहीं कर सकेंगे। आप बड़े भाग्यशाली हैं जो आपको सामग्री और सब कुछ सुलभ हो पा रहा है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

