पार्श्वनाथ भगवान का जन्म कल्याणक एवं चंदाप्रभु भगवान का जन्म एवं तब कल्याणक महोत्सव भक्ति भाव के साथ मनाया गया

धर्म

पार्श्वनाथ भगवान का जन्म कल्याणक एवं चंदाप्रभु भगवान का जन्म एवं तब कल्याणक महोत्सव भक्ति भाव के साथ मनाया गया

झुमरीतिलैया

-श्री दिगंबर जैन समाज के नेतृत्व में जैन धर्म के आठवें तीर्थकर देवाधिदेव 1088 चंदाप्रभु भगवान और 23 वें तीर्थंकर 1008 श्री पारसनाथ भगवान का जन्म तप कल्याणक बहुत ही भक्ति भाव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ।आज प्रातः दोनों मंदिरों में 1008 श्री चंदप्रभु भगवान और 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा पर प्रथम अभिषेक के साथ सैकड़ों लोगों द्वारा

 

 

 

 

अभिषेक किया गया के पश्चात मूलनायक 1008 श्री

पारसनाथ भगवान की प्रतिमा पर शांतिधारा का सौभाग्य समाज के मंत्री जैन ललित-नीलम सेठी ओर बाहर पाण्डुकशीला पर 1008 श्री चंदप्रभु भगवान की प्रतिमा पर समाज के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन, पारस जैन, जैन सुशील पांड्या ,जय कुमार गंगवाल,शशि सेठी को शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसके बाद सुबोध गंगवाल के नेतृत्व में संगीतमय पूजन के साथ जन्म कल्याण पर प्रभु के चरणों मे श्री फल और अर्घ समर्पण किया गया।इस अवसर पर समाज के मंत्री ललित सेठी ने बताया कि दोनों भगवान का जन्म वाराणसी के कासी नगरी में आज से हज़ारों वर्ष पूर्व हुवा था तब से पूरे विश्व मे जन्म कल्याणक महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। दिन में समाज के लोगो द्वारा मंदिर के शिखर प्रदीप छाबडा, राज कुमार अजमेरा ,संदीप-अक्षय सेठी के द्वारा जैन ध्वज मंत्रोच्चार के द्वारा लगाया गया ।संध्या में भब्य आरती के साथ कल्याण मंदिर स्त्रोत काब्य के द्वारा 44 दीपकों को प्रभु चरणों मे समर्पित किया गया ।इसके बाद स्थानीय पंडित अभिषेक जैन द्वारा प्रश्नमंच ओर पालना झुलाने के साथ सारांश जैन के द्वारा 1008 चंदप्रभु ओर 1008 पारसनाथ भगवान के जीवन पर प्रकाश डाला और उनके त्याग और तपस्या के बारे में बताया, सभी कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों ने हिस्सा लिया। कोडरमा मीडिया प्रभारी नवीन जैन, राज कुमार अजमेरा ने दी

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