सम्मेदशिखर पवित्र क्षेत्र घोषित की मांग को लेकर जैन समाज के बच्चे,युवा व बुजुर्ग उतरे सड़को पर रैली निकालकर किया रोष प्रकट
कामा
जैन समाज कामां के युवाओं,बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों ने हाथों में सम्मेदशिखर पवित्र जैन तीर्थ घोषित करें सरकार की मांग को लेकर विजयमती त्यागी आश्रम से मुख्य बाजार होते हुए रैली निकाल कर झारखण्ड सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय वन मंत्रालय द्वारा पारसनाथ पर्वत सम्मेदशिखर को पर्यटक व अभ्यारण घोषित करने का विरोध दर्ज कराया।
युवा परिषद के अध्यक्ष मयंक जैन ने बताया कि जैन समाज के संघठनो धर्म जागृति संस्थान कामां, युवा परिषद कामां,जैन मित्र मंडल ,चन्द्रप्रभु महिला मंडल,ज्ञान विजया महिला मंडल,दिगम्बर जैन महिला परिषद शाखा कामां के संयुक्त तत्वावधान में रैली का आयोजन किया गया। तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ,सम्मेदशिखर हमें प्राणों से प्यारा, सम्मेदशिखर अभ्यारण नही पवित्र जैन तीर्थ के नारों से गुंजायमान करते हुए नर नारी चल रहे थे तो वही उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पहुँच कर पांच सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन जितेंद्र सिंह तहसीलदार कामां को सौपा गया। संजय सर्राफ ने बताया कि 2 अगस्त 2019 को जारी अधिसूचना क्रमांक 2795 में संधोधन कर पारसनाथ पर्वत को जैन धर्म का स्वतंत्र पवित्र धार्मिक क्षेत्र घोषित किया जाए।
मांस मदिरा बिक्री मुक्त क्षेत्र,अतिक्रमण मुक्त कर वृक्षो की

कटाई व अवैध खनन को रोका जाए कि मांग प्रमुखता से रखी गयी। बरखा जैन,मनीषा सर्राफ,शकुंतला जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि सम्मेदशिखर से जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकर निर्वाण को गए अतः यह क्षेत्र हमारे लिए अति पूजनीय है ।इस अवसर पर जैन समाज के सैकड़ों स्त्री-पुरुष बच्चे युवा एवं युवतियां उपस्थित रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
